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FD से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं ये सेविंग्स अकाउंट्स, जानिए

बैंकिंग एक्सपर्ट्स की मानें तो बड़ी संख्या में पीएसयू और प्राइवेट बैंक मौजूदा समय में एफडी पर 2.5 फीसदी से 5.5 फीसदी ब्याज (निवेश के समय के आधार पर) दे रहे हैं, जबकि ब्याज की दर वरिष्ठ नागरिकों के लिए छह फीसदी है।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: December 27, 2020 2:41 PM
Savings Accounts, Fixed Deposits, FDs, savings account vs fixed depositतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

RBI द्वारा हाल के महीनों में रेपो रेट काटने के बाद Fixed Deposits में ग्राहकों/खाताधारकों में वो पहले जैसा आकर्षण नहीं दिख रहा है। ऐसा इसलिए भी, क्योंकि कुछ State Bank of India, ICICI Bank और HDFC Bank समेत कई बड़े बैंकों और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने एफडी की ब्याज दरें गिराई हैं।

हालांकि, छोटे प्राइवेट सेक्टर बैंक और स्माल फाइनैंस बैंक के सेविंग्स अकाउंट्स में मिलने वाला ब्याज आमतौर पर अलग रहता है। चूंकि, यह खाते में रखे जाने वाले बैलेंस पर निर्धारित रहता है।

बैंकिंग एक्सपर्ट्स की मानें तो बड़ी संख्या में पीएसयू और प्राइवेट बैंक मौजूदा समय में एफडी पर 2.5 फीसदी से 5.5 फीसदी ब्याज (निवेश के समय के आधार पर) दे रहे हैं, जबकि ब्याज की दर वरिष्ठ नागरिकों के लिए छह फीसदी है।

वहीं, दूसरी ओर कुछ छोटे बैंक तीन फीसदी से 7.25 फीसदी के बीच ब्याज अपने सेविंग्स अकाउंट्स पर दे रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि कुछ बचत खातों में मिलने वाला ब्याज बड़ी संख्या में बैंकों द्वारा एफडी पर दी जाने वाली ब्याज की रकम से अधिक है।

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PNB ने फंसे कर्ज वाले तीन खातों को बिक्री के लिये रखाः सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (ट्रस्ट) समेत तीन फंसे कर्ज वाले खातों को बिक्री के लिये रखा है। इन खातों पर करीब 34.50 करोड़ रुपये का बकाया है। पीएनबी ने नीलामी नोटिस में कहा, ‘‘नियामकीय दिशानिर्देशों के तहत नियम एवं शर्तों के आधार पर हमारी तीन फंसे खातों को बैंक नीति के अनुसार एआरसी (संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी)/एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी)/अन्य बैंकों/वित्तीय संस्थानों को बेचने की योजना है।’’

ये तीन खाते हैं…मंगलम ऑयल इंडस्ट्रीज, एलायंस फाइबर लि. और बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (ट्रस्ट)। जहां अहमदाबाद की मंगलम ऑयल इंडस्ट्रीज पर 10.77 करोड़ रुपये बकाया है, वहीं एलायंस फाइबर (अहमदाबाद) पर 18.31 करोड़ रुपये तथा रायपुर की बिरसा इंस्टीट्यूट पर 5.41 करोड़ रुपये का ऋण बाकी है। यह बिक्री प्रक्रिया बैंक की ‘स्ट्रेस्ड एसेट्स टारगेटेड रिजोल्यूशन एक्शन (एसएएसटीआरए) डिविजन’ कर रहा है।

बता दें कि पीएनबी में आभूषण कारोबारियों नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की धोखाधड़ी के बाद बैंक की एसएएसटीआरए इकाई को वसूली व्यवस्था को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी गयी है। इसमें रूचि रखने वाले 29 दिसंबर तक बोली जमा कर सकते हैं। बोलियां छह जनवरी, 2021 को खोली जाएगी। (समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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