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दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार स्पेक्ट्रम की निलामी शुरू

प्रीमियम रेंज की 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए सरकार ने हरेक मेगाहर्ट्ज की आधार कीमत 11,485 करोड़ रुपए रखी है।
Author नई दिल्ली | October 1, 2016 23:36 pm
दूरसंचार रेडियो तरंग। (चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतिकात्मक तौर पर किया गया है)

दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने देश की दूसरी सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए बोलियां लगानी शुरू कर दी हैं। इस नीलामी में 5.63 लाख करोड़ रुपए कीमत के स्पेक्ट्रम को बिक्री के लिए रखा गया है। सूत्रों के अनुसार दूसरे दौर की नीलामी जारी है। सभी प्रतिभागियों ने पहले दौर की बोलियां लगा दी हैं। लेकिन दूरसंचार कंपनियों ने तरंगों के लिए रखी गई आधार कीमत को अनुचित बताया है। इस नीलामी में कुल 2,354.55 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को सात बैंडों में नीलामी के लिए रखा गया है। ये सात बैंड 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज हैं। इन रेडियो तरंगों का प्रयोग 2-जी, 3-जी और 4-जी मोबाइल सेवाओं के लिए किया जा सकता है।

इस नीलामी में भाग लेने वाली प्रमुख कंपनियों में रिलायंस जियो, आइडिया सेल्युलर और भारती एअरटेल बाकी हैं जिनके लिए अगली पीढ़ी की दूरसंचार सेवाएं देने के लिए यह नीलामी महत्त्वपूर्ण है। सरकार ने इस नीलामी के लिए कोई अंतिम सीमा तय नहीं की है। लेकिन नीलामी रोजाना सुबहनौ से शाम सात बजे के बीच चलेगी। केवल नीलामी के पहले दिन यह सुबह 10 बजे शुरू होगी। टाटा टेलीसर्विसेज, रिलायंस कम्युनिकेशंस और एअरसेल भी इस नीलामी में हिस्सा ले रहे हैं। दूरसंचार विभाग शाम को रोजाना की नीलामी के परिणामों की घोषणा करेगा। जियो, एअरटेल और रिलायंस कम्युनिकेशंस के पास पूरे भारत में 4-जी सेवा देने का स्पेक्ट्रम है। वहीं वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर के पास अपनी 4-जी सेवा बढ़ाने के लिए इस नीलामी में स्पेक्ट्रम खरीदने का अवसर है। आइडिया के पास देश के 22 सर्कलों में से 10 में और वोडाफोन के पास नौ दूरसंचार सर्कलों में 4-जी सेवाएं देने का लाइसेंस है।

सरकार ने पूरे भारत के लिए 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए सुरक्षित कीमत 2,873 करोड़, 900 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 3,341 करोड़, 800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 5,819 करोड़, 2,100 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 3,746 करोड़, 700 मेगाहर्ट्ज के लिए 11,485 करोड़ और 2,300 व 2,500 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए हरेक के लिए 817 करोड़ रुपए रखी है।
प्रीमियम रेंज की 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए सरकार ने हरेक मेगाहर्ट्ज की आधार कीमत 11,485 करोड़ रुपए रखी है। इस बैंड के तहत मोबाइल सेवाएं मुहैया कराना 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड में सेवाएं मुहैया कराने के मुकाबले करीब 70 फीसद कम पड़ने का अनुमान है। इस बैंड को खरीदने की इच्छा रखने वाली कंपनियों के पास पूरे भारत में पांच मेगाहर्ट्ज के एक ब्लॉक के लिए कम से कम 57,425 करोड़ रुपए की राशि होनी चाहिए। इस अकेले बैंड की नीलामी से चार लाख करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। इस नीलामी में जियो एकमात्र कंपनी है जो पूरे भारत के लिए 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए बोली लगाने के योग्य है।

 

 

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