Equity Mutual Funds Return 2026 : इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन पर बाजार के उतार-चढ़ाव का तेज असर पड़ता है। बाजार में हालिया गिरावट के बाद लगभग सभी इक्विटी फंड कैटेगरी के प्रदर्शन के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। हाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो ज्यादातर इक्विटी फंड्स कैटेगरी का 2026 में अब तक का रिटर्न (YTD Return) निगेटिव रहा है। इनमें भी सबसे बुरी हालत उन सेक्टोरल फंड्स की दिख रही है, जो मुख्य तौर पर टेक्नॉलजी सेक्टर के शेयर्स में निवेश करते हैं। जबकि इसी अवधि के दौरान लार्ज कैप और फ्लेक्सी कैप जैसी कैटेगरी में गिरावट तुलनात्मक रूप से कम रही है।
टेक फंड कैटेगरी का शॉर्ट टर्म रिटर्न
वैल्यू रिसर्च पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक टेक्नॉलजी फंड्स की कैटेगरी का इस साल का अब तक का (YTD) एवरेज रिटर्न माइनस (-) 19.41% है, जो सभी इक्विटी फंड्स में सबसे कमजोर है। यही नहीं, इस कैटेगरी का पिछले 1 महीने का औसत रिटर्न (-)14.16%, 3 महीने का एवरेज रिटर्न (-)20.98% और 1 साल का औसत रिटर्न (-) 14.48 % है।
इसकी तुलना में लार्ज कैप फंड्स का YTD रिटर्न (-) 5.34 %, फ्लेक्सी कैप का YTD रिटर्न (-)5.18 % और मल्टी कैप का YTD रिटर्न (-)5.44% रहा है। यानी इन कैटेगरी में इस साल तुलनात्मक रूप से कम गिरावट आई है।
मौजूदा हालात में तमाम निवेशकों के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि टेक्नॉलजी फंड्स के शॉर्ट टर्म रिटर्न के इन आंकड़ों को वे किस तरह से देखें और समझें? इस सवाल का जवाब जानने से पहले इसी टेक्नॉलजी फंड कैटेगरी के लॉन्ग टर्म रिटर्न के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है।
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टेक्नॉलजी फंड्स का लॉन्ग टर्म रिटर्न
जिन टेक्नॉलजी फंड्स का शॉर्ट टर्म एवरेज रिटर्न इतनी निगेटिव तस्वीर पेश कर रहा है, उसी को लंबी अवधि में देखने पर हालात काफी बदले हुए नजर आएंगे। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक म्यूचुअल फंड्स की इस कैटेगरी का औसत सालाना रिटर्न 3 साल में 5.50%, 5 साल में 8.11% और 10 साल में 15.11% रहा है। दरअसल 10 साल पूरे कर चुके सभी 5 टेक्नॉलजी फंड्स का एवरेज सालाना रिटर्न (CAGR) 15% से ऊपर रहा है। इन सभी फंड्स का पिछले 10 साल का CAGR आप यहां देख सकते हैं :
स्कीम का नाम / 10 साल का औसत सालाना रिटर्न (CAGR)
ICICI Prudential Technology Fund (Direct Plan) : 16.53%
SBI Technology Opportunities Fund (Direct Plan) : 16.50%
Aditya Birla Sun Life Digital India Fund (Direct Plan) : 16.49%
Tata Digital India Fund (Direct Plan) : 16.28%
Franklin India Technology Fund (Direct Plan) : 15.90%
(सोर्स : वैल्यू रिसर्च )
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क्या है इन आंकड़ों का मतलब
ऊपर दिए आंकड़ों को सही संदर्भ में समझना जरूरी है। ये आंकड़े इस बात को फिर से उजागर करते हैं कि इक्विटी फंड्स के रिटर्न पर बाजार के हालात का सीधा असर पड़ता है और सेक्टोरल-थीमैटिक फंड्स में उथल-पुथल का रिस्क और भी अधिक होता है। वहीं, शॉर्ट टर्म में निगेटिव रिटर्न देने वाली कैटेगरी का लॉन्ग टर्म में बेहतर प्रदर्शन दिखाता है कि इक्विटी फंड्स में हमेशा लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह क्यों दी जाती है। हालांकि इक्विटी फंड्स में पूंजी की सुरक्षा और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, फिर भी लंबी अवधि यानी 7 साल या उससे ज्यादा समय के लिए निवेश करने पर बाजार की उथल-पुथल से जुड़ा रिस्क कुछ कम हो जाता है।
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सही सोच के साथ करें निवेश
इक्विटी फंड्स में निवेश करने वालों के लिए मौजूदा माहौल में सही सोच बनाए रखना जरूरी है। अगर आप बाजार की उथल-पुथल का सामना नहीं कर सकते यानी आपकी रिस्क बर्दाश्त करने की क्षमता कम है, तो आपको इक्विटी में निवेश नहीं करना चाहिए। जो निवेशक मार्केट रिस्क को समझते हुए भी म्यूचुअल फंड्स के जरिये शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें भी अपने पोर्टफोलियो में इक्विटी की हिस्सेदारी सीमित रखनी चाहिए। साथ ही सेक्टोरल या थीमैटिक फंड्स की जगह बाजार की उथल-पुथल का सामना करने में तुलनात्मक रूप से बेहतर समझे जाने वाले लार्ज कैप फंड्स या फ्लेक्सी कैप और मल्टी कैप जैसे डायवर्सिफाइड फंड्स पर गौर करना चाहिए। इसके अलावा वे हाइब्रिड कैटेगरी में आने वाले मल्टी एसेट फंड्स पर भी विचार कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि इक्विटी मार्केट में किए गए किसी भी निवेश में लंबी अवधि का नजरिया होना बेहद जरूरी है। अगर आप शॉर्ट टर्म के लिए पैसे लगाना चाहते हैं, तो इक्विटी से दूर रहने में ही भलाई है।
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं। निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें।)
