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नौकरियों की बहार: इस साल 1.50 लाख से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी देंगी आईटी कंपनियां, इसमें रतन टाटा की टीसीएस भी शामिल

कोरोना महामारी के कारण दुनियाभर की कंपनियां कारोबार के लिए ऑनलाइन मॉडल अपना रही हैं। इस कारण आईटी कंपनियों को पहले की तुलना में ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। इन ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने के लिए कंपनियां आईटी प्रोफेशनल्स की हायरिंग कर रही हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Pixabay)

यदि आप इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहे हैं तो यह खबर आपकी नौकरी से जुड़ी है। देश की आईटी कंपनियां आपके लिए नौकरी की बहार लेकर आ रही है। आईटी कंपनियों ने इस साल 1.50 लाख से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी देने की योजना बनाई है। इसमें देश के सबसे सफल कारोबार रतन टाटा की टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज समेत एचसीएल और विप्रो जैसी नामी-गिरामी कंपनियां भी शामिल हैं।

आईटी कंपनियों ने हाल में जारी किए पहली तिमाही के नतीजों में फ्रेशर्स की नौकरियों को लेकर घोषणा की है। एचसीएल ने सोमवार को पहली तिमाही के नतीजे जारी करते हुए कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2021-22 में 22 हजार फ्रेशर्स को नौकरी देगी। इंफोसिस ने इस साल वैश्विक स्तर पर 35 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी देने का कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अलावा टीसीएस, विप्रो, माइंडट्री जैसी आईटी कंपनियों ने भी फ्रेशर्स को नौकरी देने की घोषणा की है।

पहली तिमाही में 45 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी दी: आईटी सेक्टर की कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यानी अप्रैल से जून के दौरान 45 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी दी है। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस ने अप्रैल से जून 2021 के दौरान 20,400 फ्रेशर्स को नौकरी दी है। इंफोसिस ने 8,200 फ्रेशर्स को अपने साथ जोड़ा है। विप्रो ने 12 हजार नए फ्रेशर्स को नौकरी दी है। वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजी ने 7,500 नए लोगों को अपने साथ जोड़ा है।

इसलिए बढ़ी आईटी प्रोफेशनल्स की डिमांड: कोरोना महामारी के कारण भारत समेत पूरी दुनिया में वर्क फ्रॉम होम कल्चर बढ़ा है। अधिकांश कंपनियां अपने कारोबार के लिए ऑनलाइन मॉडल अपना रही हैं। इसके लिए कंपनियों को अपने सिस्टम को अपडेट करना पड़ रहा है। साथ ही नए-नए सॉफ्टवेयर की आवश्यकता हो रही है। इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आईटी कंपनियों को नए-नए ऑर्डर मिल रहे हैं। अन्य देशों की तुलना में भारत की आईटी कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर मिले हैं। इस कारण देश में आईटी प्रोफेशनल्स की डिमांड बढ़ी है।

महामारी के दौरान 72 हजार फ्रेशर्स को नौकरी दी: देश की टॉप-3 आईटी कंपनियों ने महामारी के दौरान भी फ्रेशर्स को जमकर नौकरी दी है। कंपनियों की रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों ने महामारी के दौरान 72 से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी दी है। इसमें सबसे ज्यादा 40 हजार फ्रेशर्स को नौकरी के साथ टीसीएस टॉप पर है। इसके अलावा पिछले वित्त वर्ष में इंफोसिस ने 17 हजार और विप्रो ने 14 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी दी है।

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