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TCS 100 अरब डॉलर की पहली भारतीय कंपनी: वैल्‍यू 128 देशों की जीडीपी के बराबर

सौ अरब डॉलर के मार्केट कैपिटलाइेशन के साथ TCS एप्‍पल, अल्‍फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्‍गज कंपनियों की श्रेणी में आ गया है। TCS का एम-कैप पाकिस्‍तान स्‍टॉक एक्‍सचेंज में लिस्‍टेड सभी कंपनियों के मूल्‍य से कहीं ज्‍यादा है।

TCS के सीईओ राजेश गोपीनाथन। (फोटो सोर्स: केविन डिसूजा, एक्‍सप्रेस फोटो)

भारतीय उद्योग जगत के लिए सोमवार (23 अप्रैल) का दिन ऐतिहासि‍क रहा। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) मार्केट कैपिटलाइजेशन (कंपनी के शेयर का बाजार मूल्‍य) के मामले में 100 अरब डॉलर (6.7 लाख करोड़ रुपये) के जादुई आंकड़े को पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। कंपनी के शेयर में लगातार वृद्धि के कारण TCS का एम-कैप 101 अरब डॉलर तक पहुंच गया। दो व्‍यावसायिक दिनों में TCS के शेयर में लगातार बढ़ोत्‍तरी दर्ज की गई है। TCS का एम-कैप पाकिस्‍तान स्‍टॉक एक्‍सचेंज में लिस्‍टेड सभी कंपनियों के मूल्‍य (80 अरब डॉलर) से कहीं ज्‍यादा हो गया है। इसके साथ ही TCS मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्‍ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, हिंदुस्‍तान यूनिलिवर, मारुति सुजुकी और इंफोसिस जैसी दिग्‍गज कंपनियों से ज्‍यादा बाजार मूल्‍य वाली हो गई है। कंपनी के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए बाजार विशेषज्ञ कंपनी के स्‍टॉक को लेकर बेहद आशावन हैं। इसे देखते हुए TCS के टारगेट प्राइस (संभावित मूल्‍य) में भी वृद्धि कर दी गई है। ‘बिजनेस स्‍टैंडर्ड’ के अनुसार, TCS द्वारा पिछले सप्‍ताह वित्‍तीय लाभ की घोषणा करने के बाद कम से कम छह विदेशी ब्रॉकरेज कंपनियों ने TCS के स्‍टॉक प्राइस टारगेट में 15 फीसद से ज्‍यादा की वृद्धि कर दी थी। TCS की घोषणा के बाद बैंकिंग और फायनेंशियल सेक्‍टर पर भी इसका अनुकूल असर पड़ने की उम्‍मीद है। इन क्षेत्रों में भी विकास की रफ्तार बढ़ने की उम्‍मीद है।

128 देशों की जीडीपी के बराबर अकेले TCS: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS ने का एम-कैप 128 देशों की जीडीपी के बराबर है। इनमें श्रीलंका, इक्‍वाडोर, स्‍लोवाकिया, केन्‍या, लग्‍जेम्‍बर्ग, कोस्‍टारिका, बुल्‍गारिया और जॉर्डन जैसे देश शामिल हैं। दुनिया भर में 64-65 देशों की जीडीपी ही 100 अरब डॉलर से ज्‍यादा है।

बजट खर्च का एक चौथाई से ज्‍यादा हुआ बाजार मूल्‍य: TCS का एम-कैप भारत के कुल बजट खर्च (वित्‍त वर्ष 2019) का एक चौथाई से भी ज्‍यादा हो गया है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली द्वारा 1 फरवरी को पेश आम बजट में कुल खर्च का आकलन 24.42 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, TCS का एम-कैप 6.7 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का हो गया है। ऐसे में यह आंकड़ा भारत के कुल बजट खर्च का तकरीबन 27 फीसद तक पहुंच गया है।

TCS भी विशिष्‍ट श्रेणी में: TCS 100 अरब डॉलर के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ ही एप्‍पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, फेसबुक और अमेजन जैसी कंपनियों की श्रेणी में आ गई है। बता दें कि एप्‍पल दुनिया की सबसे मूल्‍यवान कंपनी है। अमेरिकी कंपनी का मौजूदा बाजार मूल्‍य 840 अरब डॉलर है। इसके बाद गूगल की पैरेंट कंपनी अल्‍फाबेट (746 अरब डॉलर), आमेजन (740.79 अरब डॉलर) और माइक्रोसॉफ्ट (731 अरब डॉलर) का नंबर आता है।

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