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करदाताओं को देनी होगी सभी बैंक खातों, विदेश यात्रा की जानकारी

करदाताओं को आकलन वर्ष 2015-16 के लिए अपना रिटर्न दाखिल करते समय आयकर विभाग को अपने सभी बैंक खातों व विदेश यात्राओं का ब्योरा देना होगा...

Author Updated: April 18, 2015 3:54 PM

करदाताओं को आकलन वर्ष 2015-16 के लिए अपना रिटर्न दाखिल करते समय आयकर विभाग को अपने सभी बैंक खातों व विदेश यात्राओं का ब्योरा देना होगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने चालू आकलन वर्ष के लिए नए आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत मौजूदा फॉर्मेट में कुछ बदलाव किये गये हैं। यह कदम कालेधन पर अंकुश लगाने के ध्येय से उठाया गया है।

नए आईटीआर फॉर्म आईटीआर-1 और आईटीआर-2 में करदाताओं को पिछले साल के दौरान किसी भी समय खोले या बंद किए गए अपने बैंक खातों का नंबर लिखना होगा। साथ ही उन्हें हाल में 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में अपने बैंक खाते में जमा रकम की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा उन्हें बैंक का नाम, खाता नंबर, उसका पता, आईएफएससी कोड तथा कोई संभावित संयुक्त खाताधारक की जानकारी देनी होगी।

आयकर विभाग ने करदाताओं से उनकी विदेश यात्रा का ब्योरा भी मांगा है। विभाग करदाता के पासपोर्ट का नंबर, पासपोर्ट जारी करने का स्थान, जिन देशों की यात्रा की गई, कितनी बार यात्रा की गई और निवासी करदाता द्वारा इस प्रकार की यात्राओं पर किये गये खर्च की जानकारी देनी होगी।

इस बार नए आईटीआर फार्म में एक नया कॉलम भी होगा जिसमें करदाता का आधार नंबर भरा जाएगा। एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने कहा कि नये उपाय सरकार के कालेधन की समस्या से निपटने के प्रयासों का हिस्सा है। जो ब्योरा मिलेगा उससे कर विभाग को करदाता के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलेगी।

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