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ट्यूशन फीस, LTA, एजुकेशन लोन से भी बचाया जा सकता है टैक्स, निवेश करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

सिर्फ टैक्स लाभ पाने के लिए आंख बंद करके किसी इंश्योरेंस उत्पाद का चयन करने से आप एक ऐसे उत्पाद का चयन करने की गलती कर सकते हैं जो आपकी जरुरतों से मेल न खाता हो या जरुरत के मुताबिक कम कवरेज देता हो।

टैक्स लाभ का फायदा उठाने के लिए सही निवेश उत्पादों का चयन करने के साथ-साथ भुगतान का सही तरीका चुनना भी जरूरी है।

आदिल शेट्टी
यह साल का वह समय है जब टैक्स दाता जल्दबाजी में अपनी बचत की रकम को निवेश करने की कोशिश करते हैं जिससे उन्हें दिए जाने वाले टैक्स में कटौती करने का मौका मिल सके। लेकिन, टैक्स प्लानिंग, वित्तीय वर्ष की शुरुआत में की जानी चाहिए और उसे साल भर लागू करना चाहिए। लेकिन, यदि आप आखिरी वक्त में निवेश करते हैं तो आपको अपने निवेश विकल्पों का चयन करते समय कुछ गलतियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

ऐसे उत्पादों में निवेश करना जो आपके टारगेट के मुताबिक नहीं
आखिरी वक्त में निवेश करने से कभी-कभी जल्दबाजी में फैसले लेने के कारण इसके नुकसान देखने को मिलते हैं। आप ऐसे साधनों में निवेश कर सकते हैं जो टैक्स तो बचाते हैं लेकिन आपके फाइनैंशल टारगेट के लिए ठीक नहीं हैं। उदाहरण के लिए, यदि एक 25 साल का व्यक्ति जिसकी जोखिम की भूख और रिटर्न की उम्मीद अधिक है और ELSS के बजाय टैक्स सेविंग FD में निवेश करता है तो वह ज्यादा रिटर्न कमाने का मौका खो देगा। इसी तरह, यदि किसी व्यक्ति को निकट भविष्य में अधिक लिक्विडिटी की जरूरत है और वह PPF में निवेश करना शुरू करता है तो उसका पैसा कई साल के लिए लॉक हो जाएगा और उसे अपने वित्तीय उद्देश्यों को पूरा करने का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए किसी भी निवेश उत्पाद का चयन करने से पहले, अपनी वित्तीय आवश्यकता का आंकलन करें और अपने टारगेट के मुताबिक निवेश करें।

कम कवरेज वाला इंश्योरेंस खरीदना
इंश्योरेंस एक आवश्यक वित्तीय उत्पाद है जिसका मकसद पॉलिसी धारक की असमय मौत होने पर उसके आश्रितों की रक्षा करना है। सिर्फ टैक्स लाभ पाने के लिए आंख बंद करके किसी इंश्योरेंस उत्पाद का चयन करने से आप एक ऐसे उत्पाद का चयन करने की गलती कर सकते हैं जो आपकी जरुरतों से मेल न खाता हो या अपर्याप्त कवरेज देता हो। अपनी आवश्यकता के अनुसार बीमा राशि का आंकलन करना जरूरी है। एक सर्वमान्य नियम के अनुसार, आप अपनी मौजूदा वार्षिक आमदनी का 15-20 गुना कवरेज देने वाला इंश्योरेंस चुन सकते हैं। आपकी असमय मौत होने पर यह आपके परिवार को अपनी आमदनी संबंधी जरूरतों को पूरा करने, बकाया लोन चुकाने, और आपके बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसों का इंतजाम करने में मदद करने लायक होना चाहिए।

वेल्थ क्रिएशन न करना
सिर्फ टैक्स बचाना या इंश्योरेंस लेना ही जरूरी नहीं है। बल्कि वेल्थ क्रिएशन करना यानी एक बड़ी रकम तैयार करना भी जरूरी है। सभी टैक्स सेविंग या इंश्योरेंस उत्पाद, वेल्थ क्रिएशन में सहायक नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, एक 7% पंचवर्षीय FD आपको सिर्फ 4.9% शुद्ध रिटर्न ही दे सकता है यदि आप 30% टैक्स सीमा में आते हैं। महंगाई को मात देने के लिए और जल्दी से वेल्थ क्रिएट करने के लिए, आपको ELSS या ULIP जैसे साधनों में निवेश करना पड़ेगा जो टैक्स बचाने में भी मदद करेगा।

भावी प्रतिबद्धताओं को ध्यान में न रखना
बाजार में कुछ ऐसे लॉन्ग टर्म निवेश उत्पाद मौजूद हैं जिनमें नियमित योगदान करना पड़ता है। ऐसे उत्पादों में निवेश करने के बाद, आपको उसे क्रियाशील बनाए रखने के लिए उसमें हर साल योगदान करने की जरूरत पड़ती है। लाइफ इंश्योरेंस और PPF ऐसे निवेश उत्पादों के उदाहरण हैं। यदि आप नियमित योगदान करने में फेल हो जाते हैं तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसलिए, किसी लॉन्ग टर्म उत्पाद में निवेश करने से पहले उसके टाइम के बारे में जानें और आप उसमें निवेश करते रहने में सक्षम होंगे या नहीं।

नकद पैसे देकर हेल्थ पॉलिसी खरीदना
टैक्स लाभ का फायदा उठाने के लिए सही निवेश उत्पादों का चयन करने के साथ-साथ भुगतान का सही तरीका चुनना भी जरूरी है। उदाहरण के लिए, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियमों पर टैक्स छूट नहीं मिलती है यदि उनका भुगतान नकद राशि में किया गया है। इसी तरह, यदि 10,000 रुपए से ज्यादा मूल्य का डोनेशन या दान नकद राशि के रुप में किया गया है तो उस पर कोई टैक्स कटौती की अनुमति नहीं मिलती है।

अधिक छोटे टैक्स लाभों को भूल जाना
ट्यूशन फीस, LTA, एजुकेशन लोन पर दिया गया ब्याज, इत्यादि पर टैक्स बचाने के कम जाने-माने तरीकों का पता लगाना न भूलें। अपने खर्च और निवेश दस्तावेजों को तैयार रखें क्योंकि आपको टैक्स लाभ का फायदा उठाने के लिए उन्हें प्रस्तुत करना पड़ेगा।
लेखक बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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