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18 रुपये का पेट्रोल 71 रुपये में बेच रही सरकार, जानें- तेल का पूरा खेल, भारत में सबसे ज्यादा टैक्स

पेट्रोल 71.26 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है, जिसमें 49.42 रुपये का टैक्स शामिल है। इसके अलावा डीजल 69.39 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध है, जिसमें 48.09 रुपये का टैक्स भी शामिल है।

petrolकार में ईंधन भर रहा एक कर्मचारी।

पेट्रोल और डीजल पर एक बार फिर से एक्साइज ड्यूटी में इजाफा होने के साथ ही भारत दुनिया में ईंधन पर सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाला देश बन गया है। मंगलवार की रात को ही केंद्र सरकार ने डीजल पर 13 रुपये और पेट्रोल पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया था। सरकार को इस कदम से 1.6 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। इस कमाई के जरिए केंद्र सरकार कोरोना के संकट से निपटने पर खर्च होने वाली रकम का बड़ा हिस्सा निकालना चाहती है।

इससे पहले सोमवार को पेट्रोल और डीजल दोनों पर ही 8 रुपय़े प्रति लीटर का सेस जोड़ दिया गया था। इसके अलावा दिल्ली समेत कई राज्यों में भी पेट्रोल और डीजल पर वैट को बढ़ा दिया गया है। दरअसल डीलर तक पेट्रोल महज 18.28 रुपये प्रति लीटर की कीमत में आता है, लेकिन ग्राहको को फिलहाल 71 रुपये से ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं, क्या है तेल का पूरा खेल…

दिल्ली का उदाहरण लेते हुए बात करें तो यहां पेट्रोल 71.26 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है, जिसमें 49.42 रुपये का टैक्स शामिल है। इसके अलावा डीजल 69.39 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध है, जिसमें 48.09 रुपये का टैक्स भी शामिल है। इस तरह दोनों पर करीब 69 फीसदी का टैक्स लग रहा है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। वैट, एक्साइज ड्यूटी और डीलर कमिशन के बाद यह रेट हो जाता है। आइए देखते हैं, पेट्रोल और डीजल पर कितना वसूला जाता है कौन सा टैक्स।

एक्साइज ड्यूटी: पेट्रोल पर फिलहाल 32.98 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूली जा रही है, जबकि डीजल पर यह दर 31.83 रुपये प्रति लीटर है।

वैट: हर राज्य जो पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाता है, उसे वैट कहा जाता है। हालांकि राज्यों में इसकी दर अलग-अलग होती है। मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में 30 फीसदी से ज्यादा तक वैट वसूला जा रहा है।

डीलर कमिशन: यह भी राज्यों के हिसाब से अलग है। दिल्ली में पेट्रोल पर 3.57 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 2.51 रुपये प्रति लीटर कमिशन वसूला जाता है।

इसके बाद भी मुश्किल है घाटे की भरपाई: फिलहाल केंद्र सरकार को बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी के जरिए 1.6 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई का अनुमान है। हालांकि कई राज्य सरकारों को अप्रैल के महीने में जीएसटी से कमाई में 90 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल से सरकारों को बहुत ज्यादा कमाई होना मुश्किल है। इसकी वजह यह भी है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की मांग भी बहुत ज्यादा नहीं है।

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