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गैर सूचीबद्ध कंपनियों पर नए टैक्स से स्टार्ट अप्स, एफडीआई को छूट

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि यदि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सभी उचित मंजूरियों के बाद आया है तो छूट लागू होगी।

Author नई दिल्ली | February 3, 2017 7:18 PM
राजस्व सचिव हसमुख अधिया। (पीटीआई फाइल फोटो)

गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के अंतरण पर दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर लगाये जाने की निवेशकों की आशंका को दूर करते हुए सरकार ने शुक्रवार (3 फरवरी) को कहा कि इस कदम का मकसद सिर्फ ‘खोका’ कंपनियों को निशाना बनाना है, स्टार्ट अप्स में उचित तरीके से और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिये किए जाने वाले विधिवत निवेश पर कर से छूट रहेगी। एख साक्षात्कार में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 2004 में लगाया गया था और एसटीटी के भुगतान वाले सूचीबद्ध शेयरों पर हुए पूंजीगत लाभ पर दीर्घावधि के पूंजीगत लाभ कर की छूट है।

अधिया ने कहा कि यह सुविधा सिर्फ सूचीबद्ध प्रतिभूतियों के लिए थी। लेकिन लोगों ने छद्म या खोका कंपनी बनाकर इस सुविधा का लाभ लिया। उन्होंने ऐसी कंपनियों में थोड़ा बहुत निवेश किया और इसमें बढ़ोतरी दिखाई तथा उन्हें सूचीबद्ध करने के बाद वे जल्द उनसे बाहर निकल गए। प्रभावी रूप से यह निवेश एक साल से अधिक तक कायम रखा गया, लेकिन सूचीबद्धता के तुरंत बाद वे इस निवेश से बाहर निकल गए। अधिया ने कहा, ‘ऐसे में यह बिना किसी कर का भुगतान किए समूचे कालेधन को सफेद करने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग था। लोगों ने छद्म कंपनियां बनाकर इसका फायदा लेने का प्रयास किया।’

सरकार अब कह रही है कि ऐसे निवेशकों द्वारा प्रवेश करने और बाहर निकलने के समय एसटीटी का भुगतान किया गया होना चाहिए। बजट में इसमें बदलाव किया गया है। इसमें यह व्यवस्था की गई है कि यदि एसटीटी का पहले भुगतान नहीं किया गया है, तो 1 अक्तूबर, 2004 के बाद गैर सूचीबद्ध कंपनियों में शेयरों के हस्तांतरण पर दीर्घावधि का पूंजीगत लाभ कर लगाया जाएगा। अधिया ने कहा, ‘कानून के तहत हमें कुछ निश्चित श्रेणी के लोगों को इस अनिवार्यता से छूट देने का अधिकार है। ऐसे में हम ऐसे सभी उचित मामलों पर विचार करेंगे जिनमें छूट की अधिसूचना जारी करने की जरूरत है, तो ऐसा किया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सभी उचित मंजूरियों के बाद आया है तो छूट लागू होगी। राजस्व सचिव ने कहा, ‘ऐसे में एफडीआई मार्ग से ज्यादातर स्टार्ट अप निवेश पर यह छूट होगी। यदि घरेलू निवेश पात्र स्टार्ट अप में किया गया है तो हम उस पर भी छूट देंगे। ऐसे में हमें छद्म और सही निवेश के बीच अंतर करना होगा।’ अधिया ने कहा कि यह दुरुपयोग रोकने का उपाय है। अधिया ने कहा, ‘छूट की सूची से यह स्पष्ट हो जाएगा कि स्वत: मंजूर मार्ग और एफआईपीबी के जरिये आने वाला एफडीआई प्रभावित नहीं होगा। समस्या सिर्फ गैर सूचीबद्ध शेयर में मूल्य बढ़ाने के लिए किया गया घरेलू निवेश है। हम इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करेंगे कि स्टार्ट अप में सही निवेश प्रभावित न होने पाए।’

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2017-18 में प्रस्ताव किया है कि एक अक्तूबर, 2004 के बाद गैर सूचीबद्ध कंपनियों में शेयर लेने वालों पर 10 प्रतिशत का दीर्घावधि का पूंजीगत लाभ कर लगेगा। यह कर तभी लगेगा जबकि खरीद के समय प्रतिभूति लेनदेन कर का भुगतान न किया गया हो।

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