TCS Q1 Results : टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13349 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने नतीजे के साथ ही निवेशकों के लिए 1 रुपये के फेस वेल्यू पर 12 रुपये (1200%) का डिविडेंड का ऐलान किया है। आइए जानते हैं इसके बारे में…

टीसीएस ने जारी किए वित्तीय

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, कंपनी ने फाइलिंग में बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 4.61% बढ़कर 13349 करोड़ रुपये हो गया है। टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि में 12760 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। मीडिया को दिए एक बयान में कंपनी ने कहा कि उसकी नेट इनकम सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13849 करोड़ रुपये हो गई।

टॉपलाइन के नजरिए से देखें तो, Q1 में उसका रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 14% बढ़कर 72275 करोड़ रुपये हो गया, और मार्च तिमाही के 70698 करोड़ रुपये से इसमें 2.23% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी ने बताया कि जून तक के तीन महीनों में TCS के कर्मचारियों की संख्या 9,200 से ज़्यादा बढ़कर 30 जून तक 5,93,798 हो गई।

1200% डिविडेंड का ऐलान

आईटी कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने यह फैसला गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में लिया।

कंपनी ने बताया कि डिविडेंड का लाभ उन निवेशकों को मिलेगा, जिनका नाम 15 जुलाई 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में शेयरधारक के रूप में दर्ज होगा।

डिविडेंड की राशि 31 जुलाई 2026 को शेयरधारकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

टीसीएस शेयर प्राइस

बीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, टीसीएस का शेयर आज यानी गुरुवार 9 जुलाई को 0.52% की गिरावट के साथ 2047.75 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर आज अपने पिछले बंद 2058.55 रुपये के मुकाबले गिरावट के साथ 2055.30 रुपये के स्तर पर खुला था।

इसका 52 सप्ताह का उच्चतर स्तर 3,416.60 रुपये और 52 सप्ताह का निचला स्तर 1,976.00 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 7,40,893.87 करोड़ रुपये है। कंपनी के शेयर में पिछले 1 महीने में 4.74 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और रेगुलेटेड एंटिटीज द्वारा वित्तीय उत्पादों या सेवाओं की बिक्री से जुड़े नियम कड़े कर दिए। इस कदम का उद्देश्य लेंडर्स द्वारा फाइनेंशियल प्रोडक्ट की गलत बिक्री को रोकना, गलत मार्केटिंग तरीकों पर रोक लगाना और कस्टमर की सहमति, डिस्क्लोजर और बिक्री के तरीकों के नियमों को कड़ा करना है। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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