एयर इंडिया के जहाजों को उड़ने लायक बनाने पर टाटा को और खर्च करने होंगे 3000 करोड़

टाटा समूह ने 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाकर एयर इंडिया की नीलामी जीत ली है। हालांकि अभी टाटा समूह को एयर इंडिया के विमानों पर 3000 करोड़ रुपये और खर्च करने पड़ेंगे।

Air India Tata Deal
टाटा समूह को एयर इंडिया के विमानों पर 3000 करोड़ खर्च करने होंगे। (Express File Photo)

लगातार घाटे में चल रही कंपनी एयर इंडिया (Air India) को नीलाम करने में सरकार को तीसरे प्रयास में सफलता हाथ लगी। टाटा समूह (Tata Group) ने इसके लिए 18 हजार करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली पेश की। हालांकि अभी टाटा को एयर इंडिया के विमानों (Planes) पर करीब 3000 करोड़ रुपये और खर्च करने होंगे।

Tata को मिलेंगे Air India के 118 विमान

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस (AI Express) के बेड़े में कुल 141 विमान हैं। नीलामी के सौदे के तहत टाटा को इनमें से 118 विमान मिलेंगे। इनमें से अधिकांश विमानों को अपग्रेड करने की जरूरत है। टाटा संस (Tata Sons) को 23 ग्राउंडेड विमानों को उड़ने लायक बनाने के लिए 1,800 करोड़ रुपये और सभी विमानों के केबिन को अपग्रेड करने के लिए 1,200 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

मार्च 2022 तक हैंडओवर होगी Air India

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा को सरकार 31 मार्च 2022 तक एयर इंडिया हैंडओवर करेगी। सौदे के तहत टाटा संस को एयर इंडिया के बेड़े में से 58 एयरबस ए320, 14 बोइंग 777, 22 बी787 ड्रीमलाइनर और 24 बी737 विमान मिलेंगे।

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जो विमान ग्राउंडेड हैं, उनकी मरम्मत सरकार नहीं करेगी। सरकार ने बस इस बात की जिम्मेदारी ली है कि अभी जो विमान उड़ने लायक हैं, उन्हें हैंडओवर होने तक ग्राउंडेड नहीं होने दिया जाएगा।

विमानों की मरम्मत और अपग्रेडेशन पर सरकार नहीं करेगी खर्च

इस तरह देखें तो टाटा को ग्राउंडेड विमानों को उड़ने लायक बनाने पर खुद ही खर्च करना होगा। इसके अलावा कंपनी का मानना है कि एयर इंडिया के ज्यादातर विमानों के केबिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के नहीं हैं। इन्हें अपग्रेड करने पर भी टाटा को खुद ही खर्च करना होगा।

टाटा इस सौदे से पहले से ही विमानन क्षेत्र में मौजूद है। समूह को एयर इंडिया से मिल रहे विमानों के परिचालन का पुराना अनुभव है। ए320 विमान एयर एशिया इंडिया (Air Asia India) और विस्तार (Vistara) दोनों के बेड़े में मौजूद है। विस्तार के बेड़े में बोइंग 787 और बोइंग 737 विमान भी हैं।

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Vistara, Air Asia के साथ विलय की छूट

सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि टाटा समूह चाहे तो एयर एशिया इंडिया, विस्तार, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को आपस में मिलाकर एक संयुक्त विमानन कंपनी बना सकता है। समूह इन्हें अलग-अलग भी चला सकता है। टाटा समूह को सात दिनों के भीतर शेयर पर्चेज एग्रीमेंट करना होगा। सोमवार को सौदे की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक होंगी।

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