केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने देश में टाटा केमिकल्स के संचालन को रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्या में लंबे समय से मौजूद रहने के बावजूद कंपनी ने देश और खासकर काजियाडो क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक विकास नहीं किया। रूटो ने सवाल उठाया, “क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?”

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, केन्याई सरकार अब टाटा केमिकल्स के मौजूदा कारोबार की जगह दो नई कंपनियों को लाने की तैयारी कर रही है। इनमें से एक कंपनी काजियाडो में कांच बनाने का बड़ा कारखाना लगाएगी, जबकि दूसरी कंपनी केमिकल निर्माण का काम करेगी।

टाटा केमिकल्स को क्यों निशाना बना रही है केन्या सरकार?

यह विवाद तब और बढ़ गया जब जुलाई के आखिर में टाटा केमिकल्स ने बताया था कि केन्याई सरकार ने उसकी स्थानीय इकाई को मैगाडी सोडा फैक्ट्री में संचालन निलंबित करने और सोडा ऐश का निर्यात रोकने का आदेश दिया है।

इसके बाद राष्ट्रपति विलियम रूटो ने काजियाडो में टाटा केमिकल्स की लंबे समय से मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी को करीब 100 साल से वहां काम करने का अवसर मिला, लेकिन उसने स्थानीय स्तर पर पर्याप्त औद्योगिक क्षमता विकसित नहीं की।

रूटो ने कहा कि कंपनी ने काजियाडो में कोई बड़ी फैक्ट्री नहीं बनाई और न ही ऐसा इंडस्ट्रियल स्ट्रक्चर तैयार किया जिससे स्थानीय क्षेत्र को पर्याप्त लाभ मिल सके।

‘उन्होंने काजियाडो में कुछ नहीं बनाया’

राष्ट्रपति रूटो ने टाटा कंपनी का जिक्र करते हुए कहा कि उसे करीब 100 साल तक एक कॉन्ट्रैक्ट मिला हुआ था, लेकिन इतने लंबे समय में भी काजियाडो में कोई फैक्ट्री नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार अब एक नई कंपनी लाएगी, जो यहां एक बड़ा ग्लास प्लांट स्थापित करेगी।

इसके अलावा एक दूसरी कंपनी केमिकल बनाने का काम करेगी। इसी दौरान रूटो ने सवाल किया, “क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?” उनका कहना था कि केन्या को अपने प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक क्षमता का लाभ खुद उठाना चाहिए।

केन्या में क्या काम करती है टाटा केमिकल्स?

टाटा केमिकल्स केन्या में मैगाडी सोडा कारोबार का संचालन करती है। यहां सोडा ऐश का उत्पादन किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक रसायन है, जिसका इस्तेमाल कांच समेत कई मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में किया जाता है।

मैगाडी स्थित यह कारोबार टाटा केमिकल्स और केन्याई सरकार के बीच हालिया विवाद का केंद्र बना हुआ है। सरकार की ओर से संचालन और निर्यात पर रोक लगाने के बाद अब राष्ट्रपति रूटो ने कंपनी को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया है।

टाटा केमिकल्स की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं

राष्ट्रपति रूटो के ताजा आदेश और कंपनी पर लगाए गए आरोपों को लेकर टाटा केमिकल्स की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रूटो के फैसले या कंपनी की आलोचना पर टिप्पणी के लिए टाटा केमिकल्स से तुरंत संपर्क नहीं हो सका।

(इनपुट: रॉयटर्स)

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