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प्रभु कृपा रही मुसाफिरों पर, यात्री और माल भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं

सुरेश प्रभु ने वर्ष 2016-17 में भारतीय रेलवे के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपए के योजना व्यय का प्रस्ताव किया। योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वित्त पोषण की मिली-जुली व्यवस्था करने का प्रस्ताव है।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु (पीटीआई फोटो)

दूरगामिता और आम मुसाफिर का खयाल रखने के दावे के साथ रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वर्ष 2016-17 के लिए पेश किए रेल बजट में यात्री किराए और माल भाड़े में बढ़ोतरी नहीं की। उन्होंने रेलवे की मजबूती, विस्तार, सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधनों बचत, निजी क्षेत्र के साथ भागीदारी और नए-नए तरीके से अपना कर जुटाने का वादा किया है। प्रभु ने तीन नई सुपरफास्ट ट्रेनें शुरू करने और 2019 तक मालगाड़ियों के लिए अलग से उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम और पूर्वी तटीय माल ढुलाई गलियारे बनाने की घोषणा की है।

लोकसभा में अपना दूसरा बजट पेश करते हुए सुरेश प्रभु ने कहा कि रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण का काम पटरी पर रखने के लिए राजस्व के नए स्रोत तलाशे जाएंगे, खर्च घटाए जाएंगे और परिचालन का नया ढांचा लागू किया जाएगा। नई घोषणाओं में चेन्नई में भारत का पहला रेल आटो हब, ई-कैटरिंग को प्रोत्साहन, 2019 तक समर्पित गलियारों का निर्माण, पूर्वोत्तर के लिए संपर्क और रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे माल ढुलाई के क्षेत्र में और अधिक प्रकार के माल ढोने के उपाय करेगा जिससे अतिरिक्त संसाधन अर्जित किए जा सकें। पिछले साल से हटकर रेल मंत्री ने इस बार न तो यात्री किराए में और न ही माल भाड़े की दरों में कोई छेड़छाड़ की। पिछली बार उन्होंने अतिरिक्त 4,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए माल भाड़े की दरें बढ़ाई थीं। प्रभु ने अपने भाषण में कहा, यह चुनौतीपूर्ण दौर है। संभवतया सबसे कठिन दौर। हमारे सामने दो मुख्य चुनौतियां हैं जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। इनमें से एक अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्रों में नरम वृद्धि दर और दूसरा सातवें वेतन आयोग का बोझ है। रेल मंत्री ने कहा कि यात्री किराया और माल ढुलाई से राजस्व की वृद्धि में नरमी ने रेलवे के वित्त पर दबाव डाला है। रेलवे को लागत कटौती करने और माल ढुलाई बढ़ाने की जरूरत है। रेलवे की आय में माल ढुलाई का दो तिहाई योगदान है।

इस साल के रेल बजट में तीन नई सुपरफास्ट रेल गाड़ियां चलाने की घोषणा की गई है। इनमें ‘हमसफर’ नाम की गाड़ियां पूरी तरह से वातानुकूलित 3 एसी के डिब्बों वाली होंगी जिनमें भोजन का भी विकल्प होगा। वहीं ‘तेजस’ नाम से चलाई जाने वाली नई गाड़ियां 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी और इनमें मनोरंजन, वाईफाई व स्थानीय व्यंजनों जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इन दोनों ट्रेनों के परिचालन की लागत किराए के साथ-साथ दूसरे तरीकों से वसूली जाएगी। तीसरी प्रकार की ट्रेन ‘उदय’ नाम से चलाई जाएगी जो दोतला (डबल डेकर) होगी और इसके साथ ‘उत्कृष्ट’ नाम से वातानुकूलित दोतला गाड़ियां चलाने की घोषणा की गई है। ये दोतला गाड़ियां व्यस्त मार्गों पर चलाने की योजना है।

बजट में अनारक्षित यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। रेल मंत्री प्रभु ने सुपरफास्ट अंत्योदय एक्सप्रेस सेवा शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, ऐसे यात्रियों के लिए ‘दीन दयालु’ अनारक्षित डिब्बे लगाए जाएंगे जिनमें पेयजल और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा होगी। उन्होंने रेल विकास प्राधिकरण के गठन की भी घोषणा की जो सेवाओं की दरों के निर्धारण में रेलवे की मदद करेगा ताकि देश की यह सबसे बड़ी परिवहन प्रणाली अपनी प्रतिस्पर्धा क्षमता बनाए रख सके। साथ ही इसके ग्राहकों के हितों की भी रक्षा हो और सेवा की दक्षता मानक स्तर की हो। रेलमंत्री ने कहा- हमें माल ढुलाई के मामले में मौजूदा वस्तुओं की सूची के विस्तार के लिए अपने मौजूदा दृष्टिकोण से बढ़ कर सोचना होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमें भाड़ा फिर से मिले।

प्रभु ने वर्ष 2016-17 में भारतीय रेलवे के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपए के योजना व्यय का प्रस्ताव किया। योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वित्त पोषण की मिली-जुली व्यवस्था करने का प्रस्ताव है। रेल बजट के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में रेलवे को यातायात कारोबार से सकल राजस्व प्राप्ति 1.84 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। वर्ष के दौरान यात्री किराए से 51,012 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य रखा गया है जो चालू वित्त वर्ष के बजट से 12.4 फीसद अधिक होगा।

रेलवे ने 2016-17 में पांच करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है और उम्मीद की है कि बुनियादी क्षेत्र के स्वस्थ विकास से यह लक्ष्य हासिल हो जाएगा। माल ढुलाई से 1.17 लाख करोड़ रुपए की आमदनी होने का अनुमान है। अन्य कोचिंग और छोटी-मोटी सेवाओं से रेलवे को अगले वित्त वर्ष में क्रमश: 6,185 करोड़ रुपए और 9,590 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है। आगामी वित्त वर्ष में रेलवे को पेंशन पर 45,500 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में रेलवे के वित्तीय कारोबार में 8,720 करोड़ रुपए की बचत दिखाई गई है।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से रेलवे पर अगले वित्त वर्ष में दबाव बढ़ने और इस कारण परिचालन अनुपात (कुल आय के मुकाबले परिचालन खर्च) बिगड़ने का अनुमान है। बजट में वर्ष 2016-17 के दौरान परिचालन अनुपात बढ़कर 92 फीसद पहुंचने का अनुमान लगाया गया है जो चालू वित्त वर्ष में 90 फीसद रहने का अनुमान है। रेलवे ने अनुमान लगाया है कि वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बावजूद उसके साधारण खर्च में वृद्धि 11.16 फीसद तक सीमित रहेगी। इसके लिए उसने डीजल और बिजली की खपत में कटौती की योजना बनाई है।

रेल मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि तीन नए मालगाड़ी मार्ग बनाए जाएंगे जिनमें एक उत्तर-दक्षिण गलियारा दिल्ली से चेन्नई के बीच होगा, जबकि दूसरा पूरब-पश्चिम गलियारा खडगपुर से मुंबई और तीसरा पूर्वी तटीय गलियारा खड़गपुर को विजयवाड़ा से जोड़ेगा। प्रभु ने अपने एक घंटे से अधिक के बजट भाषण में कहा- इन तीन परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है ताकि इन परियोजना प्रस्तावों को तैयार करने, उनका ठेका देने और उन पर अमल करने का काम समय पर सुनिश्चित हो सके। रेल मंत्री ने कहा कि इनके लिए धन की व्यवस्था पीपीपी (निजी सरकारी भागीदारी) मॉडल सहित नए तरीकों से की जाएगी।

रेल मंत्री ने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं में चालू वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले सिविल इंजीनियरिंग काम के सारे ठेके दिए भी जा चुके होंगे। प्रभु ने कहा कि उनके रेल मंत्रालय संभालने के बाद से 24,000 करोड़ रुपए के ठेके दिए जा चुके हैं, जबकि उससे पहले के छह साल में कुल मिलाकर 13,000 करोड़ रुपए के ठेके दिए गए थे। रेलवे के बारे में अपना सपना पेश करते हुए प्रभु ने वादा किया 2020 तक रेलवे को लेकर आम लोगों की चिर अपेक्षाएं संतुष्ट की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इस अवधि में रेलवे ने मांग पर गाड़ियों में आरक्षित जगह उपलब्ध कराने, माल गाड़ियों को समय सारणी के अनुसार चलाने, सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने, बिना फाटक की रेलवे क्रासिंगों को खत्म करने, गाड़ियां समय पर चलाने, माल गाड़ियों की गति बढ़ाने और पटरियों पर शौचालय की गंदगी छोड़े जाने पर पूरी तरह रोक लगाने का लक्ष्य रखा है। यात्रियों के सुखद अनुभव के लिए बजट में सोशल मीडिया और समर्पित आइवीआरएस प्रणाली के जरिए संपर्क सुविधा करने व प्रतिक्रिया लेने का प्रस्ताव है।

रेलवे ने यात्रा को सुखद बनाने के लिए 65,000 अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध कराने और 2500 पेयजल की मशीनें लगाने का भी प्रस्ताव किया है। रेलवे ने 100 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करा दी है और आगामी वर्ष में और 400 स्टेशनों पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। संरक्षा के उपायों के तहत चालू वर्ष में 350 फाटक वाले लेवल क्रासिंग और 1000 बिना फाटक वाले क्रासिंग बंद किए जा चुके हैं। 820 रोड ओवरब्रिजों और रेल अंडर ब्रिजों को काम पूरा हो चुका है और ऐसे 1,350 पुलों पर काम चल रहा है।

यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर कैटरिंग और फूड स्टॉल का प्रबंध करने का काम चरणबद्ध तरीके से आइआरसीटीसी को सौंपा जाएगा। रेलवे आइआरसीटीसी के तहत 10 और आधारभूत रसोईघरों को शुरू कर अपनी कैटरिंग सेवाएं परिचालन में लाने की संभावना तलाशेगा। इसके अलावा ट्रेनों के आवागमन की क्षण-क्षण की सूचना यात्रियों को देने के लिए 2,000 स्टेशनों पर 20,000 स्क्रीन लगाए जाएंगे जो उच्च प्रौद्योगिकी के नेटवर्क से जुड़े होंगे और इन स्क्रीन पर विज्ञापन की भी सुविधा होगी जिससे रेलवे को अतिरिक्त आमदनी हो सकती है।

प्रभु ने अजमेर, अमृतसर, बिहार शरीफ, चेंगन्नूर, द्वारका, गया, हरिद्वार, मथुरा, नागपट्टिनम, नांदेड़, नासिक, पाली, पारसनाथ, पुरी, तिरुपति, वैलंकन्नि, वाराणसी और वास्को जैसे धर्मस्थलों के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने और स्टेशनों के सौंदर्यीकरण का काम प्राथमिकता के साथ पूरा करने का वादा किया। रेलवे ने धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए ‘आस्था’ सर्किट गाड़ियां चलाने का भी विचार पेश किया है।

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