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सरकारी बकाया न चुकाने पर टेलीकॉम कंपनियों पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा- क्या अदालत बंद कर दें, देश में कोई कानून बचा है या नहीं?

Supreme Court decision on telecom companies: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 19 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस साल गुरुवार तक कंपनी की वैल्यूएशन में 27 पर्सेंट की कमी आ चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को लगाई कड़ी फटकार

Supreme Court decision on Vodafone Idea, Airtel: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की बकाया राशि न चुकाने को लेकर टेलीकॉम कंपनियों को कड़ी फटकार लगाते हुए 17 मार्च, 2020 तक का समय दिया है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार (14 फरवरी, 2020) को केस की सुनवाई करते हुए वोडाफोन आइडिया और एयरटेल को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आप 17 मार्च तक यह राशि नहीं चुकाते हैं तो यह अदालत की अवमानना होगी। इससे पहले अदालत ने वोडोफोन आइडिया और एयरटेल समेत टेलीकॉम कंपनियों को सरकार के 920 अरब रुपये चुकाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछा कि एजीआर बकाये के भुगतान के फैसले को न मानने पर अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।

कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले पर पुनर्विचार की गुहार लगाई थी, जिसे खारिज करते हुए बेंच ने यह कड़ी टिप्पणी की है। जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, ‘यह पूरी तरह से अवमानना है। यह 100 फीसदी कोर्ट की अवमानना करना है।’ बता दें कि भारत के टेलीकॉम मार्केट में वोडाफोन आइडिया, एयरटेल और रिलायंस जियो की 90 फीसदी की हिस्सेदारी है। एयरटेल और वोडाफोन ने अदालत के आदेश को लेकर चिंता जताते हुए कहा था कि इससे उनके सामने संकट पैदा हो जाएगा।

कोर्ट के इस फैसले के चलते अब वोडाफोन आइडिया के लिए अस्तित्व का संकट पैदा हो सकता है। पहले ही वोडाफोन और आइडिया पर 3.9 अरब रुपये का कर्ज है। बेंच ने कहा कि कंपनियों और टेलीकॉम डिपार्टमेंट को अवमानना का जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा, ‘क्या सुप्रीम कोर्ट को बंद कर देना चाहिए? क्या देश में कोई कानून बचा है?’ जस्टिस मिश्रा ने कहा कि हम सभी के खिलाफ अवमानना का केस चलाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 19 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस साल गुरुवार तक कंपनी की वैल्यूएशन में 27 पर्सेंट की कमी आ चुकी है। गौरतलब है कि प्रतिस्पर्धी कंपनी रिलायंस जियो ने 31 जनवरी 2020 तक एजीआर से जुड़े सभी बकाया भुगतान के लिए दूरसंचार विभाग को 195 करोड़ रुपये दिया था।

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