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सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक को लताड़ा, कहा- सितंबर तक निवेशकों का पैसा लौटाएं

पीठ ने यूनिटेक की पैरवी कर रहे वकील कपिल सिब्बल से कहा-आप हमें यह बताइए कि आप कैसे भुगतान करेंगे? क्या निवेशकों को ब्याज भी दिया जाएगा, इस पर हम बाद में विचार करेंगे।

Author नई दिल्ली | August 18, 2016 02:44 am
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने समस्या में घिरी जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनी यूनिटेक को सितंबर तक उन निवेशकों की 15 करोड़ रुपए की मूल राशि उन्हें लौटाने हेतु जमा करने का बुधवार को निर्देश दिया जिन्होंने कंपनी की गुड़गांव की एक परियोजना में फ्लैट खरीदे। लेकिन उन्हें समय पर उनका कब्जा नहीं दिया गया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्र और न्यायमूर्ति यूयू ललित के पीठ ने 38 निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए कंपनी को पांच करोड़ रुपए दो हफ्ते में व बाकी 10 करोड़ रुपए अगले महीने के अंत तक अदालत की रजिस्ट्री के पास जमा करने का निर्देश देते हुए कहा, ‘हमें तकलीफ हो रही है’। पीठ ने यूनिटेक की पैरवी कर रहे वकील कपिल सिब्बल से कहा-आप हमें यह बताइए कि आप कैसे भुगतान करेंगे? क्या निवेशकों को ब्याज भी दिया जाएगा, इस पर हम बाद में विचार करेंगे।

सवाल के जवाब में सिब्बल ने कहा-हम ग्राहकों की चिंता को समझते हैं। वे वैकल्पिक मकान ले सकते हैं। हम किराए का भुगतान करेंगे। पीठ ने इस पर तपाक से कहा, ‘क्या वे किराए का मकान छोड़ कर फिर किराए में जाएंगे? कुछ नहीं हो रहा है। सिब्बल ने अदालत से कहा कि मुद्दे का कुछ समाधान होना चाहिए। लेकिन पीठ ने कहा, ‘आप धन जमा कीजिए। आप पहले 15 करोड़ रुपए जमा कीजिए। पहले मूल राशि दीजिए’।

पीठ ने कहा-हम अपीलकर्ता (यूनिटेक) को अदालत की रजिस्ट्री में 15 करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश देते हैं। वह पांच करोड़ रुपए दो हफ्ते में व शेष राशि सितंबर 2016 के अंत में जमा करेंगे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख मुकर्रर की। सुनवाई के दौरान कई निवेशक मौजूद थे। उनमें से कुछ की पैरवी कर रहे वकील ब्रजेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के समक्ष यूनिटेक ने आश्वासन दिया था कि वे फ्लैट का कब्जा देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने गुरुग्राम के सेक्टर 70 में यूनिटेक विस्टा परियोजना के निवेशकों के बारे में कहा, ‘अब हम धन वापस चाहते हैं’।

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