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सहारा को सुप्रीम कोर्ट से तीन महीने का वक्त

उच्चतम न्यायालय ने तिहाड़ जेल में बंद सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की रिहाई के लिये दस हजार करोड रुपये के बंदोबस्त हेतु समूह की संपत्तियां बेचने के प्रयासों पर ‘पहली नजर में संतोष’ व्यक्त करते हुये उसे तीन महीने का और समय दे दिया। सुब्रत राय निवेशकों का बीस हजार करोड़ रुपए से […]

Author March 24, 2015 10:40 am
Subrata Roy निवेशकों का बीस हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम नहीं लौटाने के मामले में पिछले एक साल से जेल में बंद हैं। (फ़ोटो-रॉयटर्स)

उच्चतम न्यायालय ने तिहाड़ जेल में बंद सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय की रिहाई के लिये दस हजार करोड रुपये के बंदोबस्त हेतु समूह की संपत्तियां बेचने के प्रयासों पर ‘पहली नजर में संतोष’ व्यक्त करते हुये उसे तीन महीने का और समय दे दिया। सुब्रत राय निवेशकों का बीस हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम नहीं लौटाने के मामले में पिछले एक साल से जेल में बंद हैं।

न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह को संपत्ति की बिक्री के लिये बातचीत पूरी करने हेतु तीन महीने का वक्त देते हुये कहा कि इसमें सफलता नहीं मिलने की स्थिति में न्यायालय का रिसीवर नियुक्त करके इन संपत्तियों की नीलामी कर दी जायेगी।

न्यायालय ने राय को जमानत के लिये दस हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था करने के प्रयासों में विदेशों में स्थित अपने तीन आलीशान होटलों न्यूयॉर्क स्थित ड्रीम डाउनटाउन और द प्लाज तथा लंदन स्थित ग्रोसवेनर हाउस की बिक्री के सिलसिले में संभावित खरीदारों से बातचीत के लिये तिहाड़ जेल परिसर में बने कांफ्रेन्स रूम का इस्तेमाल करने हेतु एक अगस्त 2014 का आदेश भी बढ़ा दिया है।

शीर्ष अदालत ने चार मार्च 2014 से तिहाड जेल में बंद सुब्रत राय को जमानत के लिये दस हजार करोड़ रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया था। इसमें से उन्हें पांच हजार करोड़ रुपए नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देनी है।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने स्पैनिश बैंक बीबीवीए द्वारा हांगकांग स्थित नोआम लि को 90 करोड़ यूरो की नकद सहायता संबंधी प्रस्ताव से न्यायालय को अवगत कराया। इस रकम का इस्तेमाल बैंक ऑफ चाइना की बकाया राशि के भुगतान और उसकी जिम्मेदारी लेने के लिये किया जायेगा। बैंक ऑफ चाइना ने विदेशों में स्थित होटलों में दावेदारी के लिये सहारा को धन उपलब्ध कराया है।

न्यायालय ने सिब्बल के इस कथन के बाद ही सहारा समूह को इस सौदे के लिये बातचीत की अनुमति प्रदान की। सिब्बल ने कहा कि नोआम लि के प्रबंध निदेशक करण जज कानूनी प्रतिनिधि होंगे और निवेश करने वाली यह कंपनी करीब 650 करोड़ रुपए के अतिरिक्त धन की भी व्यवस्था करेगी।

उन्होंने कहा कि पांच साल पुरानी नोआम लि का स्पेन की कंपनी यूमा फाइनान्स एजी के साथ संयुक्त उपक्रम है और ये दोनो बीबीवीए के माध्यम से संयुक्त रूप से धन की व्यवस्था करेंगे। सिब्बल ने कहा कि नोआम लि के पास साफ सुथरा धन है और उस पर किसी प्रकार की देनदारी नहीं है।

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