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सुब्रत राय पर सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी, पैरोल की अवधि 23 सितंबर तक बढ़ायी

न्यायालय ने तीन अगस्त को आज (शुक्रवार, 16 सितंबर) की तारीख तक सुब्रत राय की पैरोल की मियाद इस शर्त पर बढ़ायी थी कि वह सेबी के पास 300 करोड़ रुपए जमा करेंगे।

Author नई दिल्ली | September 16, 2016 6:01 PM
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय (फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सहारा प्रमुख सुब्रत राय की पैरोल की अवधि 23 सितंबर तक बढ़ा दी। राय को उनकी मां पर मानवीय आधार पर जेल से गत मई में पैरोल पर छोड़ा गया था। बाद में उन्होंने निवेशकों का धन लौटाने के लिए पैसे की व्यवस्था करने को लेकर उनका पैरोल जारी रखा गया। मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने चैंबर में राय को दी गयी राहत का समय और बढ़ाने का यह फैसला किया। उनकी पैरोल की मियाद शुक्रवार (16 सितंबर) समाप्त हो रही थी। मुख्य न्यायाधीश ठाकुर के अलावा न्यायाधीश ए आर दवे तथा न्यायाधीश ए के सिकरी की नियमित विशेष पीठ शुक्रवार को उपलब्ध नहीं थी। सहारा के वकील केशव मोहन ने कहा कि सेबी-सहारा खाते में 353 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट जमा किया जा चुका है। पीठ ने 68 वर्षीय राय की पैरोल की अवधि अब 23 सितंबर तक के लिए बढ़ायी है। इस मामले की अगली सुनवाई उसी दिन होगी।

शीर्ष अदालत ने दो सितंबर को सहारा समूह से कहा कि वह यह खुलासा करे कि 25,000 करोड़ रुपए उसने कहां से जुटाये और तथा निवेशकों को धन लौटाकर पाक साफ हो। न्यायालय ने कहा था कि यह पचा पाना मुश्किल है क्योंकि इतनी बड़ी राशि आसमान से नहीं टपक सकती। इससे पहले, न्यायालय ने तीन अगस्त को आज (शुक्रवार, 16 सितंबर) की तारीख तक राय की पैरोल की मियाद इस शर्त पर बढ़ायी थी कि वह सेबी के पास 300 करोड़ रुपए जमा करेंगे। शीर्ष अदालत ने राय के मां के निधन पर मानवीय आधार पर उन्हें छह मई को पैरोल पर जाने की अनुमति दी थी। राय के अलावा न्यायालय ने सहारा के निदेशक अशोक राय चौधरी को भी पैरोल पर रिहा किया था।

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