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सहारा की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, सुब्रत राय की जेल में सुविधाएं जारी रखी जाए

उच्चतम न्यायालय ने आज इस बात पर चिंता जताई कि सहारा समूह अपने प्रमुख सुब्रत राय की जमानत पर रिहाई के लिए धन की व्यवस्था कैसे कर सकेगा। वहीं सहारा समूह ने राय को तिहाड़ जेल में दी गई सुविधाओं को और चार से छह सप्ताह बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि वह विदेशों में […]

Author Published on: February 17, 2015 3:36 PM

उच्चतम न्यायालय ने आज इस बात पर चिंता जताई कि सहारा समूह अपने प्रमुख सुब्रत राय की जमानत पर रिहाई के लिए धन की व्यवस्था कैसे कर सकेगा। वहीं सहारा समूह ने राय को तिहाड़ जेल में दी गई सुविधाओं को और चार से छह सप्ताह बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि वह विदेशों में अपनी संपत्तियों के लिए संभावित खरीदारों से बातचीत कर सकें।

उच्चतम न्यायालय ने राय की जमानत के लिए धन के भुगतान को लेकर चिंता जताई है। मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने कहा, ‘‘आपको 10,000 करोड़ रुपए चुकाने में मुश्किल हो रही है। बाहर आने के बाद आप 30,000 करोड़ रुपए कैसे चुका पाएंगे।’’

न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह के वकील से अपने अनुरोध के संबंध में एक उचित अर्जी दायर करने को कहा।

इससे पहले, इस मामले में एक नए मोड़ के तहत रिजर्व बैंक ने उच्चतम न्यायालय को अर्जी देकर कहा कि उसे भी सेबी के साथ सहारा के विवाद में एक पक्ष बनाया जाय। रिजर्व बैंक ने सहारा समूह की एक फर्म को संपत्तियों की बिक्री से रोकने का अनुरोध किया है जिसे कंपनी राय की रिहाई के लिए धन जुटाने के वास्ते बेचना चाहती है।

रिजर्व बैंक ने न्यायालय से अपनी अर्जी में मांग की है कि सहारा इंडिया फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईएफसीएल) को सेबी को बकाये का भुगतान करने के लिए उसकी प्रतिभूतियों सहित किसी भी संपत्ति का उपयोग करने से रोका जाए, क्योंकि एसआईएफसीएल विशेष श्रेणी की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है और यह उसके (आरबीआई) नियामकीय दायरे में आती है।

इससे पहले, सहारा समूह ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि राय की जमानत सुनिश्चित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए जुटाने के उपायों के तहत विदेश से करीब 105 करोड़ डॉलर के ऋण का प्रस्तावित सौदा विफल हो गया।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 9 जनवरी को सहारा समूह को कुछ शर्तों के साथ प्रस्तावित सौदे पर बातचीत आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। इनमें एक शर्त यह भी थी कि अमेरिका में जुटाए जाने वाले धन को भारत लाने के लिए रिजर्व बैंक की मंजूरी जरूरी होगी।

सहारा प्रमुख सुब्रत राय निवेशकों का 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का धन ब्याज सहित न लौटाने के मामले में पिछले साल 4 मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

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