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कंपनी के शेयर गिरवी रख कारोबारी सुभाष चंद्रा ने ले रखा है कर्ज! अनिल अंबानी भी गहरे आर्थिक संकट में

सुभाष चंद्रा के साथ-साथ अनिल अंबानी और इमामी ग्रुप के फाउंडर भी इसी तरह के संकट में घिरे हैं और उन्होंने भी कंपनी के शेयर गिरवी रखकर लोन लिया है, लेकिन अब इन बिजनेस टायकून के लिए कर्ज की अदायगी चुनौती बन गई है।

subhash chandraएस्सेल ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा। (फाइल फोटो)

दिग्गज मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा के एस्सेल ग्रुप ने कंपनी के शेयर गिरवी रख कर कर्ज ले रखा है! अब कर्ज ना चुकाने की स्थिति में कंपनी के शेयरों के लिक्विडेट होने का खतरा पैदा हो गया है। बता दें कि एस्सेल ग्रुप ने कर्ज चुकाने के लिए देनदारों से थोड़ा वक्त और देने की मांग की है। एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार, कर्ज चुकाने की डेडलाइन इस माह के अंत में समाप्त हो रही है और यदि कंपनी डेडलाइन तक कर्ज चुकाने में सफल नहीं होती है तो देनदार, ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयर बेच सकते हैं, जो कि कर्ज के एवज में जमानत के रुप में रखे गए हैं।

खबर के अनुसार, शेयर गिरवी रखकर विभिन्न कंपनियों द्वारा लिया गया कुल लोन करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए है। एस्सेल ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा को कर्ज की अदायगी के लिए अपने टीवी नेटवर्क से लेकर कई अन्य बिजनेस में हिस्सेदारी बेचने की जरुरत पड़ सकती है। गौरतलब है कि जी नेटवर्क एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरों की कीमत बीते पांच सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

उल्लेखनीय है कि सुभाष चंद्रा के साथ-साथ अनिल अंबानी और इमामी ग्रुप के फाउंडर भी इसी तरह के संकट में घिरे हैं और उन्होंने भी कंपनी के शेयर गिरवी रखकर लोन लिया है, लेकिन अब इन बिजनेस टायकून के लिए कर्ज की अदायगी चुनौती बन गई है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, जी एंटरटेनमेंट के 50 प्रतिशत से ज्यादा शेयर कर्ज के बदले गिरवी रखे हैं। वहीं अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस पॉवर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के भी 50 प्रतिशत से ज्यादा शेयर गिरवी रखे हैं। इमामी पेपर मिल्स और इमामी कंपनी के शेयर 50 प्रतिशत से कम गिरवी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सुभाष चंद्रा अपने जी एंटरटेनमेंट की कुछ हिस्सेदारी 614 मिलियन डॉलर में इनवेस्को ओपेनहाइमर मार्केट्स फंड को पहले ही बेच चुके हैं। इसके साथ ही चंद्रा अपने सोलर पॉवर प्रोजेक्ट्स को 182 मिलियन डॉलर में अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को बेचने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं।

एस्सेल ग्रुप ने कर्ज की अदायगी भी शुरू कर दी है और कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के 395 करोड़ रुपए में से आधे का भुगतान कर दिया है।

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