Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 598.54 अंक या 0.81% गिरकर 73,297.20 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 180.25 अंक या 0.78% की गिरावट के साथ 22,960.25 पर खुला।
बाजार खुलते ही बड़े शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। ICICI बैंक का शेयर 0.72% गिरकर 1,317 रुपये पर आ गया। HDFC बैंक में 0.77% की गिरावट रही और शेयर 730.15 रुपये पर कारोबार करता दिखा। बजाज फाइनेंस का शेयर 0.77% गिरकर 987.35 रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 0.84% की गिरावट के साथ 400 रुपये पर आ गया।
सुबह 10:33 बजे तक बाजार की गिरावट और बढ़ गई। इस समय सेंसेक्स 900 से ज्यादा अंक टूटकर 73,000 के स्तर के करीब पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी 250 से अधिक अंक गिरकर 22,900 के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजार में मिला जुला कारोबार
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225 0.29% चढ़ा, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.17% की बढ़त हुई। लेकिन दो दिन की छुट्टी के बाद खुले दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में 0.41% की गिरावट आई, जबकि कोस्डैक (Kosdaq) 0.16% नीचे रहा। शुरुआती कारोबार में ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 सपाट रहा।
कच्चा तेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की युद्धविराम की शर्तों को खारिज करने के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी देखी गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 1.7% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 1% बढ़कर 93.40 डॉलर प्रति बैरल पर था।
अमेरिकी फ्यूचर्स
सोमवार के कारोबार में अमेरिकी फ़्यूचर्स में थोड़ी गिरावट देखी गई; डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ़्यूचर्स 0.2% नीचे थे। S&P 500 फ़्यूचर्स और नैस्डैक 100 फ़्यूचर्स, दोनों में ही 0.2% की गिरावट थी।
क्या हैं बाजार में गिरावट के कारण?
यहां हम आपको शेयर बाजार में गिरावट के कुछ कारण बता रहे हैं –
विदेशी निवेशक
बाजार की कमजोरी के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की सक्रियता है। जुलाई और अगस्त में खरीदारी करने के बाद, विदेशी निवेशक सितंबर में फिर से बिकवाली करने लगे हैं। उनकी इस बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ गया है, ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार भी तेल की ऊंची कीमतों और बॉन्ड यील्ड से जूझ रहे हैं।
स्मॉल और मिडकैप शेयरों की बिकवाली
अब बिकवाली केवल बेंचमार्क शेयरों तक ही सीमित नहीं है। स्मॉल और मिडकैप शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1.56% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.20% और निफ्टी मिडकैप 100 में 1.08% की गिरावट आई।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जिससे भारत के आयात बिल, मुद्रास्फीति और रुपये को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले एक सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में 8% की बढ़ोतरी के बाद यह तेजी आई है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
दूसरा दबाव बिंदु अमेरिकी बॉन्ड बाजार है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर लगभग 5.2% हो गई है। यह न केवल कई दशकों का उच्चतम स्तर है, बल्कि यह एक ऐसा स्तर भी है जो उभरते बाजारों की संपत्तियों को अपेक्षाकृत कम आकर्षक बना सकता है।
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