Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। आज दोनों प्रमुख सूचकांक बीएससी सेंसेक्स (Bse Sensex) और एनएससी निफ्टी (Nse Nifty) हरे निशान पर खुले। निफ्टी 50 81 अंक या 0.34% बढ़कर 24,094 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 302 अंक या 0.39% बढ़कर 77,105 पर खुला।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक के शेयर लाभ में रहे। वहीं टाइटन, इंटरग्लोब एविएशन, अडानी पोर्ट्स और आईटीसी के शेयर नुकसान में रहे।
एशियाई बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में रहे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को ‘जूनटीन्थ’ अवकाश के कारण बंद थे।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.36 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को शुद्ध लिवाल रहे थे और उन्होंने 4,859.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
कच्चा तेल
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड फ्यूचर्स में 2.06% की भारी वृद्धि दर्ज की गई और यह 78.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 0.83% की गिरावट दर्ज की गई और यह 81.24 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण स्तर 80 डॉलर से थोड़ा ऊपर था। कॉमेक्स पर कच्चे तेल की कीमतों में 2.06% की तेजी आई और यह 78.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स शुक्रवार को 607.08 अंक और निफ्टी 154.90 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
यह भी पढ़ें: जब दुनिया में कच्चा तेल सस्ता था, तब भारत में पेट्रोल-डीजल कितने में बिक रहा था?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
