कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद भारतीय शेयर बाजार मंगलवार, 11 अगस्त को गिरावट के साथ खुले। दोनों प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान पर कारोबार करते दिखाई दिए। निफ्टी 50 54.75 अंक या 0.22% गिरकर 24,529 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 216.63 अंक या 0.28% गिरकर 78,325.81 पर खुला।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, इटर्नल और बजाज फाइनेंस के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। वहीं, टाइटन, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस के शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
एशियाई मार्केट में गिरावट
एशिया-पैसिफिक मार्केट मंगलवार को गिरावट के साथ खुले। जापान के बाजार छुट्टी के कारण बंद थे। कोस्पी में 0.76% की गिरावट आई, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.4% नीचे रहा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ़्यूचर्स, इंडेक्स की पिछली क्लोजिंग 25,937.49 के मुकाबले थोड़ा ऊपर रहा।
लाल निशान पर अमेरिकी बाजार
सोमवार को S&P 500 इंडेक्स 0.06% गिरकर 7,753.11 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 0.32% गिरकर 26,605.36 पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 60.95 अंक या 0.11% गिरकर 53,975.98 पर बंद हुआ।
क्रूड ऑयल
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ़्यूचर्स 0.09% गिरकर 82.06 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 0.07% गिरकर 87.66 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, जो $85 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर है। पिछले 12 घंटों में इसमें 4% की उछाल आई। COMEX पर कच्चे तेल की कीमतें 0.18% बढ़कर 82.28 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थीं।
FII, DII डेटा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,974.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे (नेट बायर्स)। दूसरी ओर, NSE पर उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 10 अगस्त, 2026 को ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे (नेट सेलर्स)।
सोमवार को हरे निशान पर बंद हुआ था शेयर बाजार
सोमवार, 10 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ था। BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 43.27 अंकों की हल्की बढ़त के साथ 78,542.44 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 78,676.98 के ऊपरी स्तर तक गया और 78,298.92 तक फिसला। वहीं, NSE का निफ्टी 13.15 अंकों की हल्की बढ़त के साथ 24,583.80 के लेवल पर बंद हुआ था।
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किसी कंपनी को जब नया प्लांट लगाना हो, कारोबार बढ़ाना हो, तो उसे बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आमतौर पर लोगों को लगता है कि कंपनियां बैंक से लोन लेती होंगी। लेकिन हकीकत यह है कि कई बड़ी कंपनियां बैंक से कर्ज लेने के बजाय बॉन्ड जारी करके निवेशकों से पैसा जुटाती हैं।
आखिर ऐसा क्यों होता है? बॉन्ड मार्केट क्या है, यह कैसे काम करता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं…
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