Stock Market Crash : डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, हालांकि बातचीत जारी रहेगी। ट्रंप के इस बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स करीब 1,700 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में 500 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। चौतरफा बिकवाली के बीच दोनों प्रमुख इंडेक्स करीब 2% तक फिसल गए, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई।
2:30PM तक बीएसई सेंसेक्स 1,771.95 अंक की गिरावट के साथ 76,408.77 रुपये के स्तर पर आ गया। वही, निफ्टी 550.10 अंक की गिरावट के साथ 23,848.60 अंक के स्तर पर आ गया।
वही, बाजार बंद होते समय गिरावट नहीं थमी और आज सेंसेक्स 2.15% या 1677.12 अंक की गिरावट के साथ 76,503.60 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वही, Nifty50 2.12% या 516.65 अंक की गिरावट के साथ 23,882.05 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
क्या है बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
ट्रंप ने युद्धविराम समाप्त होने की घोषणा
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन “समाप्त” हो गया है और उन्होंने यह भी कहा कि वह तेहरान के साथ कोई बातचीत नहीं करना चाहते।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
बाजार में गिरावट का एक और प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र वृद्धि है । भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे तेल की बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं।
विदेशी निवेशकों के निवेश को लेकर अनिश्चितता
भू-राजनीतिक हालात ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के निवेश के बने रहने पर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
विजयकुमार ने कहा, “बाजार FII की सकारात्मक गतिविधियों और बेहतर होते मैक्रो फंडामेंटल के कारण धीरे-धीरे मजबूत हो रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव ने इस सकारात्मक विकास पर कुछ समय के लिए सवालिया निशान लगा दिया है। इसलिए, निवेशकों को इंतजार करना चाहिए और हालात पर नज़र रखनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “ग्लोबल स्तर पर चिप ट्रेड में कमी और भारत में FII का खरीदार बनना भारतीय बाज़ार के लिए अच्छी बातें हैं। पिछले तीन दिनों में FII भारतीय बाज़ार में लगातार खरीदार रहे हैं और उन्होंने 1991 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। भले ही यह रकम कम हो, लेकिन यह FII की गतिविधियों में एक अहम ट्रेंड को दिखाता है।”
उनके मुताबिक, अगर भू-राजनीतिक तनाव और नहीं बढ़ता है, तो भारत विदेशी निवेश को आकर्षित करना जारी रख सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी इस नजरिए को बदल सकती है।
सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव
कई सेक्टर में कमजोरी देखी गई। फाइनेंशियल सर्विसेज़, तेजी से बिकने वाले कंज्यूमर गुड्स (FMCG) और हेल्थकेयर स्टॉक बेंचमार्क इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डालने वाले सेक्टर में शामिल थे।
टेक्निकल इंडिकेटर कमजोर
बाजार के जानकारों का यह भी मानना है कि टेक्निकल इंडिकेटर निकट भविष्य में सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव की खबरों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया, जिससे प्रमुख इंडेक्स ने दिन की शुरुआत में बड़ी गिरावट (डाउनवर्ड्स गैप) देखी। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ निफ्टी स्थिर हो गया और 0.34% की रेंज में बना रहा।”
उन्होंने आगे कहा, “निफ्टी की बात करें तो, 24120-24140 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट का काम करेगा, जबकि रेजिस्टेंस 24370-24390 के ज़ोन में है। नीचे की तरफ, अगर इंडेक्स 24120 के लेवल से नीचे गिरता है, तो अगला सपोर्ट 23970-23990 के जोन में होगा।”
शाह के मुताबिक, “अगर इंडेक्स 24390 के ऊपर जाता है, तो इसमें 24590 की तरफ रैली बढ़ सकती है।”
आज गिरावट के साथ खुला था शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। 8 जुलाई को एनएसई निफ्टी 50 160.85 अंक गिरकर 24,237.85 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 500.54 अंक गिरकर 77,680.18 पर खुला था।
यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव
पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के बीच बुधवार को तेल की कीमतों में लगभग 2% की बढ़ोतरी हुई। यह तनाव अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हमले करने और ईरानी कच्चे तेल की बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगाने के बाद बढ़ा। यहां पढ़ें पूरी खबर…
