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बच्चों के लिए बैंक खाते पर भारतीय स्टेट बैंक दे रहा है कई सुविधाएं, जानें- कैसे आप उठा सकते हैं फायदा

एसबीआई ने नाबालिगों के लिए बैंक खातों पर कई आकर्षक योजनाओं का ऐलान किया है। बैंक ने 'पहला कदम' और 'पहली उड़ान' के नाम से ऑफर किए जाने वाले खातों को खुलवाने की ऑनलाइन सुविधा भी दी है।

sbi minor accountबच्चों के लिए एसबीआई अकाउंट खुलवाने पर मिल रही हैं कई सुविधाएं

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने नाबालिगों के लिए बैंक खातों पर कई आकर्षक योजनाओं का ऐलान किया है। बैंक ने  ‘पहला कदम’ और ‘पहली उड़ान’ के नाम से ऑफर किए जाने वाले खातों को खुलवाने की ऑनलाइन सुविधा भी दी है। एसबीआई ने अपनी वेबसाइट पर नाबालिगों के लिए दो बचत खाते पेश किए हैं। बचत और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एसबीआई की ये योजनाएं बेहद अहम हैं। आइए जानते हैं, बैंक की ओर से इन खातों पर मिल रही हैं क्या सुविधाएं…

इन खातों में आप अधिकतम 10 लाख रुपये तक की रकम जमा कर सकते हैं। इन दोनों ही खातों पर चेक बुक की सुविधा भी दी जा रही है। अकाउंट होल्डर का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। इन खातों के लिए स्पेशल चेक बुक जारी की जाएंगी, जिनमें 10 चेक होंगे। यदि नाबालिग साइन करत सकता है तो उसके नाम पर चेक बुक जारी होगी, लेकिन ऐसा न होने पर उसके गार्जियन के नाम पर जारी की जाएगी।

 न्यूनतम मासिक बैलेंस मेंटेन रखने की अनिवार्यता नहीं है।

फोटो युक्त एटीएम कार्ड भी जारी किया जाएगा। पहला कदम अकाउंट्स के तहत निकासी की लिमिट 5,000 रुपये होगी। इसके अलावा एटीएम कार्ड नाबालिग और उसके अभिभावक के नाम से जारी किया जाएगा।

‘पहली उड़ान’ खातों के लिए निकासी / पीओएस की सीमा 5,000 रुपये है। इसमें कार्ड नाबालिग के नाम पर जारी किया जायेगा। मोबाइल बैंकिंग में बिल भुगतान, टॉप अप जैसे सीमित लेनदेन की सुविधा है । प्रति दिन लेनदेन की सीमा 2,000 रुपये है। ऑटो स्वीप की सुविधा है जिसकी न्यूनतम सीमा 20,000 रुपये है। 1,000 रुपये के कई बार स्वीप के साथ न्यूनतम सीमा 10,000 रुपये है।

पहला कदम खातों के तहत अभिभावकों को उनके एफडी के अगेंस्ट ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। हालांकि पहली उड़ान अकाउंट्स के तहत ऐसी कोई सुविधा नहीं होगी।

बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक के सामान्य बचत खाते भी योनो ऐप के जरिए खुलवाए जा सकते हैं। हालांकि यह सुविधा उन लोगों के लिए ही है, जिनका अब तक किसी बैंक में कोई खाता न हो। आमतौर पर एसबीआई एवं सरकारी बैंकों के जनधन खातों में ही सरकारी मदद की रकम ट्रांसफर की जाती है। ऐसे में जनधन अकाउंट भी काफी अहम हो गए हैं।

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