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2जी मामला: और गवाहों को बुलाने की सीबीआई की याचिका मंजूर

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत ने सीबीआई की उस याचिका को आज स्वीकार कर लिया जिसमें उसने अभियोजन पक्ष की ओर से कुछ और गवाह पेश करने की अनुमति मांगी थी। इन गवाहों में प्रवर्तन निदेशालय के उपनिदेशक राजेश्वर सिंह का भी नाम है। विशेष जज […]

Author Published on: November 19, 2014 6:04 PM

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत ने सीबीआई की उस याचिका को आज स्वीकार कर लिया जिसमें उसने अभियोजन पक्ष की ओर से कुछ और गवाह पेश करने की अनुमति मांगी थी। इन गवाहों में प्रवर्तन निदेशालय के उपनिदेशक राजेश्वर सिंह का भी नाम है।
विशेष जज ओ पी सैनी ने याचिका पर अपने आदेश में कहा,‘आवेदन मंजूर किया जाता है।’ दोनों पक्षों की जिरह सुनने के के बाद अदालत ने 11 नवंबर को अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था।

इस मामले में अभियोग का सामना कर रहे पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोई व अन्य ने सीबीआई की इस याचिका का विरोध किया था। राजा व कनिमोई ने सुनवाई के आखिरी दौर में प्रस्तुत सीबीआई की इस याचिका की वैधता पर सवाल उठाया था। कुछ अन्य आरोपियों का कहना था कि जांच एजेंसी का इरादा ठीक नहीं है और वह सुनवाई प्रक्रिया में विलंब करा रही है क्योंकि इस मामले में गवाही दर्ज कराने का काम पहले ही पूरा हो चुका है।

अदालत इस याचिका पर कल ही आदेश पारित करने वाली थी लेकिन इसे आज तक के लिए टाल दिया गया क्योंकि ‘आदेश तैयार नहीं था।’
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष सरकारी वकील आनंद ग्रोवर ने तर्क दिया कि दंड प्रक्रिया संहिता के तहत गवाही दर्ज करने का काम पूरा होने के बाद भी महत्वपूर्ण गवाहों को सम्मन करने का आवेदन स्वीकार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस चरण में भी एजेंसी जिन गवाहों व दस्तावेजों को बुलाना चाहती है वे प्रासंगिक हैं। सीबीआई ने कुछ अभियोजन गवाहों को सम्मन करने तथा अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना था कि सच तक पहुंचने के लिए ये जरूरी है।

सीबीआई ने राजेश्वर सिंह के अलावा प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक सत्येंद्र सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में अवर सचिव नवीन कपूर तथा बैंक अधिकारी डी मणि को गवाही के लिए पेशकराने की अनुमति मांगी है।

एजेंसी ने इसके अलावा कलाइगनर टीवी के वित्त महाप्रबंधक जी राजेंद्रन को दुबारा बुलाने की मांग की है ताकि उनसे और सवाल किए जा सकें। वहीं बचाव पक्ष ने सीबीआई की इस याचिका का विरोध किया।

इस मामले में राजा व कनिमोई के साथ साथ पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के पूर्व निजी सचिव आर के चंदोलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा व विनोद गोयनका, यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, रिलायंस एडीएजी के कार्यकारी गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा व हरि नायर पर मुकदमा चल रहा है।

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