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मोदी: भारत में कारोबार सुगम बनाने के लिए पूरे जोश-खरोश के साथ हो रहा है काम

कोरिया निवेशकों को आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री नरें्रद मोदी ने आज भारत में उनके लिए कारोबार सुगम बनाने के संबंध में ज्यादा अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने का वायदा किया और कहा कि उनकी सरकार भारत को कारोबार के लिए बेहद सुगम स्थान बनाने के लिए पूरे जोश-खरोश के साथ काम कर रही है।

Author May 19, 2015 12:10 pm
कोरिया निवेशकों को आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत में उनके लिए कारोबार सुगम बनाने के संबंध में ज्यादा अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने का वायदा किया। (फोटो: भाषा)

कोरिया निवेशकों को आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत में उनके लिए कारोबार सुगम बनाने के संबंध में ज्यादा अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने का वायदा किया और कहा कि उनकी सरकार भारत को कारोबार के लिए बेहद सुगम स्थान बनाने के लिए पूरे जोश-खरोश के साथ काम कर रही है।

सोल में मुख्य कार्यकारियों को ज्यादा स्थिर, भरोसेमंद और पारदर्शी कराधान प्रणाली का वायदा करते हुए उन्होंने अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया जिनमें उद्योग एवं बुनियादी ढांचा के लिए मंजूरी प्रक्रिया तेज करने और एफडीआई का उदारीकरण शामिल है।

उन्होंने हाल में गठित भारत-दक्षिण कोरिया के मुख्य कार्यकारियों के मंच की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा ‘‘मैं आपको भारत में बदलाव देखने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम आपके लिए परिस्थितियां और अधिक अनुकूल बनाने में आपके साथ काम करने के लिए भी तैयार हैं।’’

भारत को संभावनाओं का देश करार देते हुए उन्होंने कहा ‘‘भारत अनुकूल नीतिगत माहौल का भी देश है। इसके अलावा मेरी सरकार की देश की तस्वीर बदलने के लिए नवीकृत प्रतिबद्धता भी है … हम साथ मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं’’
प्रधानमंत्री ने इस बैठक में भाग ले रहे 21 मुख्य कार्यकारियों और अन्य उद्योगपतियों से कहा कि आवास समेत बुनियादी ढांचा ऐसे क्षेत्र हैं जहां दोनों देश बड़े पैमाने पर काम कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जल, परिवहन, रेलवे, सामु्द्रिक बंदरगाह, जहाज-निर्माण, बिजली :नवीकरणीय उर्च्च्जा समेत:, सूचना प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा एवं सेवा, इलेक्ट्रानिक्स, निर्माण उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं और ये सब भारत में बेहद आशाजनक क्षेत्र हैं।

उन्होंने कहा कि भारत विशेष तौर पर विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहता है ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: महत्वपूर्ण है और यह वैश्विक स्तर के कारोबारी प्रतिस्पर्धी माहौल के बिना भारत नहीं आएगा।

उन्होंने कहा ‘‘इसलिए हम भारत को कारोबार के लिहाज से बेहद सुगम स्थान बनाने के लिए पूरे जोश-खरोश के साथ काम कर रहे हैं।’’

सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स, इस्पात निर्माण, रेलवे, जहाज निर्माण और आवास जैसे क्षेत्रों में कोरियाई कंपनियों को भागीदारी के लिए आमंत्रित करते हुए मोदी ने कहा ‘‘कोरियाई निवेशकों को मदद करने के लिए एक प्रतिबद्ध प्रणाली बनाई जा रही है।’’

उन्होंने कहा ‘‘इसे ‘कोरिया प्लस’ के तौर पर जाना जाएगा। इसके अलावा मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि कोई समस्या पैदा होने की स्थिति में मैं व्यक्तिगत रूप से ध्यान दूंगा।’’

भाजपा-नीत सरकार ने पिछले 11 महीनों में ऐसी कई पहल की हैं जिससे कारोबारी माहौल में सुधार हो और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हमारा मानना है कि देश में निवेश आकर्षित करने में कारोबार सुगमता महत्वपूर्ण तत्व है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार कराधान प्रणाली को ज्यादा स्थिर, भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा ‘‘हमने विदेशी निवेशकों को प्रभावित करने वाले कई कराधान मामलों को सुलझा लिया है। ये सब कारोबार और प्रौद्योगिकी एवं पूंजी लाने के लिए ज्यादा अनुकूल होगा।’’

उन्होंने अपनी प्रिय योजना ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें औद्योगिक बुनियादी ढांचा लाना, नीतियों एवं कार्य-व्यवहारों को शीर्ष वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना और भारत को वैश्विक विनिर्माण कें्रद में तब्दील करना शामिल है।

मोदी ने हुंदै, सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स, पास्को और एलजी के प्रमुखों के साथ अलग-अलग बैठक भी की। ये सारी कंपनियां भारत में अपना कारोबार बढ़ाना चाहती हैं।

अधिकारियों ने कहा कि हुंदै भारत में और दो संयंत्र खोलना चाहती है जिसके दो संयंत्र यहां पहले से हैं।

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