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दक्षिण कोरिया भारत को देगा 10 अरब डॉलर

दक्षिण कोरिया ने भारत को बुनियादी ढांचा विकास, स्मार्ट शहरों के विकास, रेलवे, बिजली उत्पादन और अन्य विविधीकृत क्षेत्रों के लिए 10 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंध का स्तर बढा कर इसे ‘विशेष रणनीतिक भागीदारी’ के स्तर पर ले जाने पर सहमत हुए हैं।

Author May 19, 2015 10:13 AM
सियोल में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून-ह्ये।

दक्षिण कोरिया ने भारत को बुनियादी ढांचा विकास, स्मार्ट शहरों के विकास, रेलवे, बिजली उत्पादन और अन्य विविधीकृत क्षेत्रों के लिए 10 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंध का स्तर बढा कर इसे ‘विशेष रणनीतिक भागीदारी’ के स्तर पर ले जाने पर सहमत हुए हैं।

कोरियायी निवेशकों को आकर्षित करने के मिशन के साथ यहां आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून-ह्ये के साथ विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। सोल में राष्ट्रपति भवन में हुई चर्चा में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों में नए तत्व, गति और नई विषय वस्तुओं को जोड़ कर इसे गुणात्मक रूप से नए स्तरों पर ले जाने का संकल्प किया। दक्षिण कोरिया ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) समेत चार बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण संगठनों में शीघ्र सदस्यता हासिल करने के भारत के प्रयास का समर्थन किया है।

राष्ट्रपति पार्क के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘कोरिया की तेज प्रगति ने इस सदी के एशियाई सदी होने के विचार को मजबूत किया है। हम भारत के आर्थिक आधुनिकीकरण में कोरिया को महत्त्वपूर्ण भागीदार मानते हैं।’ प्रधानमंत्री तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगोलिया के बाद यहां पहुंचे हैं। वो सबसे पहले चीन गए थे।

वहीं राष्ट्रपति पार्क ने कहा कि दोनों देशों के बीच गठजोड़ उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुआ है। दोनों पक्ष कारोबार का माहौल सुधारने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

दोनों पक्षों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें दोहरे कराधान से बचाव और आय पर कर की चोरी से संबंधित राजकोषीय अपवंचन रोकने में सहयोग से संबंधी करार शामिल है। दृश्य-श्रव्य सह-निर्माण में सहयोग पर भी समझौता हुआ।

बिजली मंत्रालय और कोरिया के व्यापार, उद्योग और ऊर्जा मंत्रालय के बीच बिजली विकास और नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और बिजली संबंधी सूचना और प्रौद्योगिकी, पारेषण और वितरण, ऊर्जा की कमी और भंडारण प्रणाली के संबंध में समझौता हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के बीच विमान सेवाओं के विस्तार पर सहमति जताई।

वार्ता के अंत में जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत कोरिया को अपनी ‘पूर्वी देशों के साथ काम करने’ (एक्ट ईस्ट) की रणनीति का अपरिहार्य भागीदार मानता है। दोनों देश द्विपक्षीय भागीदारी के मूल्य और एशिया प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान का मूल्य समझते हैं।

बयान में कहा गया है कि कोरिया के रणनीति और वित्त मंत्रालय और कोरियायी आयात-निर्यात बैंक ने भारत को बुनियादी ढांचा क्षेत्र के विकास में सहयोग के लिए 10 अरब डालर प्रदान करने की मंशा जताई। इसमें से एक अरब डालर अर्थिक विकास सहयोग कोष के लिए और नौ अरब डालर स्मार्ट शहर, रेलवे, बिजली उत्पादन और पारेषण व अन्य सहमति योग्य क्षेत्र में निर्यात कर्ज के रूप में होगा।

द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाकर विशेष रणनीतिक भागीदारी बनाने के फैसले का ब्योरा देते हुए बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष दोनों में से किसी एक देश में सालाना शिखर बैठकों या बहुपक्षीय समारोहों के मौकों पर बैठकों का अयोजन करने और दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के नेतृत्व में संयुक्त बैठकों के आयोजन का निर्णय किया है। दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और सुरक्षा, रक्षा और साइबर संबंधी मुद्दों पर दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के बीच नियमित परामर्श बढ़ाने पर भी सहमति हुई है। दक्षिण कोरिया ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) समेत चार बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण संगठनों में शीघ्र सदस्यता हासिल करने के भारत के प्रयास का समर्थन किया।

मोदी ने कहा,‘हम चाहते हैं कि रक्षा प्रौद्योगिकी और भारत में रक्षा उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में हमारा सहयोग बढ़े। यह क्षेत्र भारत में व्यापक अवसरों की पेशकश करता है।’ उन्होंने कहा,‘राष्ट्रपति पार्क और मैं हमारे ‘मेक इन इंडिया’ मिशन में कोरियाई कंपनियों की भागीदारी के लिए बड़े अवसर के रूप में देखते हैं।’ प्रधानमंत्री ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिति बरकरार रखने के लिए कोरिया के रणनीतिक प्रयासों का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मंगलवार को मुख्य कार्यकारी मंच को संबोधित करने के बाद हुंदै मोटर्स, सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स, एलजी इलेक्ट्रानिक्स और दूसान समूह के प्रमुखों के अलग-अलग बैठक करेंगे। वो उल्सान में हुंदै हेवी इंडस्ट्रीज शिपयार्ड की यात्रा भी करेंगे।

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