भारतीय शेयर सूचकांकों ने शुक्रवार को सपाट शुरुआत की। प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही हरे निशान पर खुले। निफ्टी 50 20 अंक या 0.08% बढ़कर 24,252 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 51 अंक या 0.07% बढ़कर 77,588.50 पर खुला।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में 30 कंपनियों में से कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर सबसे अधिक लाभ में रहे। वहीं इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर और ट्रेंट के शेयर नुकसान में रहे।
एशियाई बाजार में गिरावट
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल के चलते वॉल स्ट्रीट में आई गिरावट के चलते एशिया-प्रशांत बाजारों में भी गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई 225 0.92% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.40% फिसल गया। कोस्पी 1.07% गिरा, वहीं स्मॉल-कैप कोस्डैक 2.44% की गिरावट दर्ज की गई। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,696 पर था, जबकि पिछले दिन यह 25,698.49 पर बंद हुआ था।
अमेरिकी बाजार
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि अमेरिकी दीर्घकालिक ब्याज दरों में उछाल आया। इससे यह चिंता बढ़ गई कि बढ़ती उधार लागत तेजी के माहौल को बाधित कर सकती है। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 703.84 अंक या 1.32% गिरकर 52,759.21 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.87% की गिरावट आई और यह 7,641.16 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1% गिरकर 26,067.17 पर बंद हुआ।
क्रूड ऑयल
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 0.47% गिरकर 86.42 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.36% गिरकर 93.44 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। COMEX पर कच्चे तेल की कीमतें 2.70% बढ़कर 87.83 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थीं।
US डॉलर
US डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह विदेशी मुद्राओं के बास्केट के मुकाबले डॉलर की वैल्यू मापता है, 0.05% गिरकर 98.82 पर ट्रेड कर रहा था। यह इंडेक्स प्रमुख मुद्राओं की तुलना में US डॉलर की मजबूती या कमजोरी का आकलन करता है। इस बास्केट में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक जैसी मुद्राएं शामिल हैं। 20 अगस्त को रुपया 0.06% मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.71 पर बंद हुआ।
यह भी पढ़ें: SEBI की नई क्लोजिंग ऑक्शन प्रणाली क्या है?
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चीफ तुहिन कांता पांडे ने बुधवार को कहा था कि नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) मैकेनिज्म में किसी भी तरह की हेरफेर से सख्ती से निपटा जाएगा। बाद में मार्केट रेगुलेटर ने दो एंटिटी (मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग और जेपी मॉर्गन की मालिकी वाली कॉप्थॉल मॉरिशस इन्वेस्टमेंट) पर मैकेनिज्म में हेरफेर करने का आरोप लगाते हुए एक अंतरिम ऑर्डर पास किया। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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