Stock Market Today : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट देखने को मिल रही है। दोनों प्रमुख सूचकांक बीएससी सेंसेक्स (Bse Sensex) और एनएससी निफ्टी (Nse Nifty) लाल निशान पर खुले। निफ्टी 50 106 अंक या 0.46% गिरकर 23,109 पर खुला, जबकि सेंसेक्स 332 अंक या 0.45% गिरकर 73,650 पर खुला।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटर्नल और ट्रेंट के शेयर सबसे अधिक गिरावट में रहे। वहीं पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में तेजी दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.64 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,124.98 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एशियाई बाजार
गुरुवार को एशिया-प्रशांत बाजारों में गिरावट के साथ शुरुआत हुई, क्योंकि मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें धूमिल होती दिख रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर भी बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा। कोरियाई सूचकांक, कोस्पी, शुरुआती कारोबार में 4.1% गिरा, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 2.8% नीचे रहा। जापान का निक्केई 225 2.3% और टॉपिक्स 1.9% नीचे आया। हांगकांग हैंग सेंग सूचकांक वायदा 24,307 पर कारोबार कर रहा था, जो बुधवार के बंद भाव 24,407.96 से कम है।
अमेरिकी बाजार
अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ “अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले” शुरू करने के बाद गुरुवार को अमेरिकी बेंचमार्क वायदा में भारी गिरावट आई। इन हमलों के चलते तेल की कीमतों में उछाल आया। एसएंडपी 500 वायदा में 0.4% और नैस्डैक 100 वायदा में 0.6% की गिरावट दर्ज की गई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े वायदा में 123 अंक या 0.3% की गिरावट आई।
सेंसेक्स बुधवार को 64.42 अंक की बढ़त और निफ्टी 27.15 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
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दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की रैंकिंग में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के छठे सबसे बड़े शेयर बाजार का स्थान हासिल कर लिया है। कुछ समय पहले तक भारत इस स्थान पर था, लेकिन अब वह एक पायदान नीचे खिसक गया है।
यह बदलाव सिर्फ रैंकिंग का मामला नहीं है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि अलग-अलग देशों के शेयर बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा है और निवेशकों का रुझान किस ओर है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की रैंकिंग किस आधार पर तय होती है और दक्षिण कोरिया भारत से आगे कैसे निकल गया। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं…
