Share Market Crash: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आज 11 मई को दोनों प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी लाल रंग के निशान पर बंद हुए।
आज सेंसेक्स करीब 1312.91 अंक गिरकर लगभग 76,015 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 360.30 अंक टूटकर लगभग 23,815.85 के स्तर पर बंद हुआ।
वही, वीआई का शेयर आज 8.27% की तेजी के साथ 12.18 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाइटन के शेयर में सबसे ज्यादा सात प्रतिशत की गिरावट आई। इंटरग्लोब एविएशन, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, इटर्नल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत बढ़कर 103.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशियाई बाजार
एशियाई बाजारों में, जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में ज्यादातर में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
शेयर बाजार की गिरावट के साथ शुरुआत
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। आज दोनों प्रमुख सूचकांक बीएससी सेंसेक्स और एनएससी निफ्टी लाल निशान पर खुले। सेंसेक्स 854.68 अंक गिरकर 76,473.51 पर आ गया, जबकि निफ्टी 235 अंक गिरकर 23,941.15 पर आ गया।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाइटन, इंटरग्लोब एविएशन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इटर्नल, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। केवल एनटीपीसी और एचसीएल टेक के शेयर में तेजी रही।
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दुनिया में बढ़ते तनाव और युद्धों के बीच देशों का रक्षा खर्च लगातार बढ़ रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च बढ़कर 2.887 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। अमेरिका इस सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि चीन और रूस भी टॉप देशों में शामिल हैं। भारत ने भी रक्षा बजट में बड़ा निवेश किया है और वह दुनिया के सबसे ज्यादा सैन्य खर्च करने वाले देशों में शामिल है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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