Share Market Crash: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार (27 फरवरी 2026) सुबह भी बाजार मे कमजोर शुरुआत हुई थी और कारोबार बंद होने के समय तक बाजार में हाहाकार मच गया और दोनों प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) लाल रंग के निशान पर बड़े नुकसान पर थे।
आज सेंसेक्स करीब 961.42 या 1.17 प्रतिशत गिरकर लगभग 81,287.19 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 317.90 अंक टूटकर लगभग 25,178.65 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, एचसीएल टेक, ट्रेंट, इन्फोसिस और इटर्नल के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (Flls) ने बृहस्पतिवार को 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (Dlls) ने 5,031.57 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
एशिया के अन्य बाजारों का हाल
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक करीब एक प्रतिशत गिरा, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे। यूरोपीय बाजार मिले-जुले रुख में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.26 प्रतिशत उछलकर 71.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
गिरावट के साथ खुले थे शेयर बाजार
आज शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले थे। शुरुआती कारोबार सेंसेक्स 364.62 अंक गिरकर 81,883.99 पर आ गया था। निफ्टी 117.15 अंक गिरकर 25,379.40 पर पहुंच गया था। सेंसेक्स में मारुति, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले शेयरों में से थे। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, HCL टेक और इटरनल फायदे में रहे थे।
शेयर बाजार में आज क्यों मचा हाहाकार
पाकिस्तान-अफगानिस्तान टकराव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव निश्चित रूप से बाजारों के लिए एक बड़ा सेंटिमेंट खराब करने वाला काम कर रहा है क्योंकि इससे अनिश्चितता की भावना पैदा हो रही है। तालिबान के पाकिस्तानी ठिकानों पर जवाबी हमले करने के बाद पाकिस्तानी और अफगान सेनाओं के बीच टकराव हुआ। चीन ने भी पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने पर चिंता जताई है।
पश्चिम एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव और तेल की कीमतें
इस समय बाजारों के लिए दूसरी बड़ी चिंता किसी भी डिप्लोमैटिक ब्रेकडाउन का जोखिम है जो मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा सकता है। सभी की नजरें ईरान-US बातचीत पर हैं। बड़ी चिंता यह है कि बातचीत टूटने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमत पर पड़ सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिलहाल 71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर स्थिर हैं, जबकि न्यूयॉर्क मेक्सिको इंडेक्स (न्यू मेक्सिको इंडेक्स) क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है। तेल की कीमतों में किसी भी बड़ी उछाल से महंगाई बढ़ सकती है।
IT सेक्टर में AI की रुकावट का डर
टेक सेक्टर में पिछले दो सेशन में थोड़ी स्थिरता देखी गई है। हालांकि, दुनिया भर में AI की वजह से रुकावट का डर मार्केट के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। Nvidia के तेजी के अनुमानों के बावजूद, भारी AI खर्च के मुनाफे पर शक ने निवेशकों को सावधान रखा और मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता पर असर डाला।
इन कारकों के साथ-साथ, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर अनिश्चितता भी चर्चा का विषय बनी रही, जिसमें ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए आपातकालीन टैरिफ को रद्द कर दिया गया था। वास्तव में उभरते बाजारों पर एक नजर डालने से पता चलता है कि लगातार नौ सत्रों की बढ़त के बाद एमएससीआई ईएम इंडेक्स में आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
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