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GST: 7 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश ने कहा- 50 हजार करोड़ दबाए बैठी है मोदी सरकार, जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में घसीटेगा केरल

मंत्रियों का कहना है कि हमें रोज-रोज दिल्ली आना अच्छा नहीं लगता। हमें अपनी आर्थिक संप्रभुता तो भारत सरकार के हवाले कर दी है, पर यहां आना हमारे लिए भी एक किस्म की शर्मिंदगी है कि पैसे मांगने आ रहे हैं।

Author Translated By Anil Kumar नई दिल्ली | Updated: December 5, 2019 2:15 PM
विपक्षी शासन वाले राज्यों के मंत्रियों ने की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात। (फाइल फोटो)

विपक्षी दलों के शासन वाले 7 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का कहना है कि केंद्र सरकार जीएसटी का 50 हजार करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की। बुधवार को पंजाब, दिल्ली, पुड्डुचेरी, केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी क्षतिपूर्ति की मांग की।

वहीं, केरल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जाने की भी चेतावनी दी। विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों के मंत्रियों व प्रतिनिधियों की यह मुलाकात जीएसटी काउंसिल की राज्यों को दी गई उस सूचना के बाद हुई है जिसमें जीएसटी क्षतिपूर्ति और सेस कलेक्शन को ‘गंभीर चिंता का विषय’ बताया गया था।

वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद राज्यों ने क्षतिपूर्ति फंड में 50 हजार करोड़ रुपये की राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। बैठक में पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, मध्यप्रदेश के मंत्रियों के साथ ही पुड्डुचेरी और केरल के आधिकारिक प्रतिनिधि मौजूद थे। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि क्षतिपूर्ति चार महीने से लंबित है। अब न सिर्फ अगस्त और सितंबर की क्षतिपूर्ति बाकी है बल्कि दो अन्य महीनों अक्टूबर और नवंबर की राशि भी बाकी है।

केरल के वित्त मंत्री थॉमस ने देर शाम को ट्वीट में कहा, ‘केंद्रीय मंत्री और राज्यों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के नतीजों के काफी निराश हूं। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को लेकर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जीएसटी क्षतिपूर्ति राज्यों का संवैधानिक अधिकार है। यदि जरूरत पड़ी तो केरल सरकार अनुच्छेद 131 के तहत सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएगी।’

मालूम हो कि अनुच्छेद 131 भारतीय संविधान की वह धारा है जिसके अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट राज्य और केंद्र सरकार के अधीन आने वाले विवादों का निपटारा करता है। इस साल जनवरी में जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी राजस्व के विश्लेषण के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया था। बिहार के उप मुख्यमंत्री को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।

राज्य और केंद्र के अधिकारियों ने अक्टूबर में बैठक कर जीएसटी के तहत राजस्व बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की थी। इससे पहले राज्यों के मंत्रियों का कहना है कि हमें रोज-रोज दिल्ली आना अच्छा नहीं लगता। हमें अपनी आर्थिक संप्रभुता तो भारत सरकार के हवाले कर दी है, पर यहां आना हमारे लिए भी एक किस्म की शर्मिंदगी है कि पैसे मांगने आ रहे हैं।

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