भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 7 सिंतबर को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिल रही है। दोनों प्रमुख सूचकांक 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (Sensex) और 50 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक एनएसई निफ्टी (Nifty50) लाल निशान पर खुले।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 255.18 अंक गिरकर 76,260.25 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 58.10 अंक की गिरावट के साथ 23,839.60 पर कारोबार करता नजर आया।
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सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में गिरावट रही। वहीं इटर्नल, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर में बढ़त रही।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,111.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एशियाई बाजार
सोमवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 लगभग 1% और टोपिक्स 0.55% ऊपर चढ़ा। दक्षिण कोरिया में और भी ज्यादा तेजी रही, जहां कोस्पी 3.09% और कोस्डैक 1.33% की बढ़त के साथ खुले। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग स्थिर रहा।
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कच्चा तेल
सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त देखी गई। ब्रेंट क्रूड 0.29% बढ़कर 96.56 डॉलर प्रति बैरल पर और US क्रूड 0.53% बढ़कर 91.97 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
यूएस ट्रेजरी यील्ड में बढ़त
शुक्रवार को यूएस ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई। 10-साल की यील्ड 2 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा बढ़कर 4.784% हो गई। 2-साल की यील्ड 4 बेसिस पॉइंट्स से ज़्यादा बढ़कर 4.377% हो गई, जबकि 30-साल की यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और यह 5.245% पर रही।
यूएस डॉलर
यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.08% गिरकर 99.10 पर ट्रेड कर रहा था। यह इंडेक्स प्रमुख मुद्राओं की तुलना में US डॉलर की मजबूती या कमजोरी का आकलन करता है।
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किसी कंपनी को जब नया प्लांट लगाना हो, कारोबार बढ़ाना हो, तो उसे बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आमतौर पर लोगों को लगता है कि कंपनियां बैंक से लोन लेती होंगी। लेकिन हकीकत यह है कि कई बड़ी कंपनियां बैंक से कर्ज लेने के बजाय बॉन्ड जारी करके निवेशकों से पैसा जुटाती हैं।
आखिर ऐसा क्यों होता है? बॉन्ड मार्केट क्या है, यह कैसे काम करता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं…
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