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सेंसेक्स 224 अंक टूटा, निफ्टी 8600 अंक से नीचे

सेंसेक्स में लगभग दो सप्ताह में किसी एक कारोबारी सत्र में यह सबसे बड़ी गिरावट है।

Author मुंबई | Updated: August 25, 2016 6:44 PM
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (फाइल फोटो)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दर में वृद्धि किए जाने की चिंताओं के चलते स्थानीय शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी गुरुवार (25 अगस्त) को कायम नहीं रह सकी और अंतिम क्षणों में बिकवाली दबाव के चलते सेंसेक्स में 224 अंक से अधिक की गिरावट आई। सेंसेक्स में लगभग दो सप्ताह में किसी एक कारोबारी सत्र में यह सबसे बड़ी गिरावट है। कारोबारियों का कहन है कि अगस्त व्युत्पन्न सौदे की अवधि पास आने के कारण लिवाली से शुरू में सेंसेक्स में तेजी का रुख रहा। दोपहर बाद रुख बदल गया और फेडरल रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन का कल होने वाले संबोधन के मद्देनजर निवेशकों के सतर्क रवैये से सूचकांक में गिरावट आई।

बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स सुबह 28,103.60 पर ऊंचा खुला। कारोबार के दौरान 28,154.21 अंक तक चढ़ने के बाद यह 27,803.24 अंक तक लुढ़का और अंतत: 224.03 अंक की गिरावट दिखाता हुआ दो सप्ताह के निचलते स्तर 27,835.91 अंक पद बंद हुआ। सेंसेक्स में यह 10 अगस्त के बाद किसी एक कारोबारी सत्र में यह सबसे बड़ी गिरावट है जब यह 310 अंक टूटा था। इससे पहले दो सत्रों में सेंसेक्स 77.99 अंक मजबूत हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 8600 से नीचे चला गया और 58.10 अंक की गिरावट के साथ 8592.20 अंक पर बंद हुआ।

बिकवाली दबाव के कारण अदाणी पोर्ट्स का शेयर 3.01 प्रतिशत, विप्रो का 2.84 प्रतिशत, टाटा स्टील का 2.04 प्रतिशत, इन्फोसिस का 1.9 प्रतिशत, एचडीएफसी का 1.93 प्रतिशत, भारती एयरटेल का 1.83 प्रतिशत, एसबीआई का 1.81 प्रतिशत, एनटीपीसी का 1.58 प्रतिशत तथा मह्रिंदा एंड मह्रिंदा का 1.46 प्रतिशत टूटा। वहीं गेल, आईटीसी, एक्सिस बैंक, डॉ. रेड्डीज व लूपिन का शेयर चढ़कर बंद हुआ।

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