ताज़ा खबर
 

इस साल मकानों की बिक्री 41 फीसद घटी

इस कैलेंडर वर्ष में जनवरी से मई की पांच माह की अवधि में मकानों की बिक्री 41 प्रतिशत गिरकर 1.10 लाख इकाई रह गई।

Author नई दिल्ली | Published on: July 3, 2017 4:27 AM
इस कानून का लगभग देश की 76 हजार 44 रियल एस्टेट कंपनियों पर पड़ेगा।

इस कैलेंडर वर्ष में जनवरी से मई की पांच माह की अवधि में मकानों की बिक्री 41 प्रतिशत गिरकर 1.10 लाख इकाई रह गई। यह आंकड़ा देश के 42 प्रमुख शहरों का है। नोटबंदी के बाद से संपत्ति क्षेत्र में मांग सुस्त बनी हुई है। एक साल पहले इसी अवधि में जब मांग ठीकठाक थी 1.87 लाख इकाइयों की बिक्री की गई। रीयल एस्टेट क्षेत्र पर नजर रखने वाली कंपनी प्राप-इक्विटी ने यह जानकारी दी है।  रीयल एस्टेट क्षेत्र में इस समय पिछले कई सालों का मंदा चल रहा है। यही वजह है कि कई आवास परियोजनाओं में देरी हो रही है और इसके परिणामस्वरूप खरीदार परेशान हो रहे हैं। उन्हें अपना फ्लैट पाने के लिए मजबूरन अदालत का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। नोटबंदी के बाद से आवास क्षेत्र की मांग पर ज्यादा असर पड़ा है।

हालांकि, इस दौरान सस्ते आवास वर्ग में मांग कुछ सुधरी है। सरकार की ओर से इस श्रेणी में कुछ सुविधाएं दिए जाने और सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध होने से इस वर्ग में मांग बढ़ी है। सरकार ने सस्ते मकानों की परियोजनाओं को ढांचागत क्षेत्र का दर्जा दिया है और ब्याज सहायता भी दी गई है। प्राप इक्विटी के संस्थापक और सीईओ समीर जासूजा ने कहा, ‘जनवरी-मार्च अवधि में मकानों की बिक्री कम रही है। नोटबंदी के बाद से बाजार की चाल लगातार धीमी बनी हुई है।’ उन्होंने कहा इस दौरान नए मकानों की परियोजनाओं में भी 62 प्रतिशत की गिरावट आई है। पहले पांच माह के दौरान केवल 70,450 फ्लैट के लिए परियोजनाएं शुरू की गईं जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,85,820 फ्लैट के लिए आवास परियोजनाएं शुरू की गईं। जासूजा का कहना है कि नोटबंदी के बाद से रीयल एस्टेट क्षेत्र संकटपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इस दौरान लेनदेन गतिविधियों में काफी गिरावट आई है। देश में रीयल एस्टेट (नियमन और विकास कानून) के लागू होने से डेवलपर्स पहले शुरू की गई परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं क्योंकि देर करने पर उन्हें जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि माल व सेवाकर (जीएसटी) और नए रीयल्टी कानून से उपजी मौजूदा स्थिति के सामान्य होने तक कुछ और समय आवास व रीयल्टी क्षेत्र का बाजार सुस्त बना रहेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 जीएसटी को अमेरिकी एजेंसी मूडीज ने सराहा, कहा- तेज होगी अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार
2 जीएसटी: पूर्व वित्‍तमंत्री पी चिदंबरम बोले- इससे बढ़ेगा आम आदमी पर बोझ, आसमान छुएगी महंगाई
3 GST देशभर में लागू: मोबाइल यूजर्स की परेशानी बढ़ी, इतने महंगे हो गए रीचार्ज