गौतम अडानी को बड़ा झटका, अभी बाजार में लिस्ट नहीं हो पाएगी बाबा रामदेव को टक्कर देने वाली यह कंपनी

गौतम अडानी के अडानी ग्रुप की एग्री कमोडिटी कंपनी अडानी विल्मर ने इसी महीने आईपीओ के लिए आवेदन किया था। अडानी विल्मर की योजना आईपीओ के जरिए 4500 करोड़ रुपए जुटाने की है। इस पैसे का इस्तेमाल कर्ज उतारने और कारोबारी विस्तार में किया जाएगा।

Gautam Adani, Adani Group
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी।

देश के दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी को मार्केट रेगुलेटर सेबी ने बड़ा झटका दिया है। सेबी ने अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी विल्मर के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अडानी एंटरप्राइजेज के खिलाफ जांच जारी रहने के कारण सेबी ने यह कार्यवाही की गई है। यह जांच विदेशी निवेशकों को लेकर चल रही है।

सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एग्रो कमोडिटी कंपनी अडानी विल्मर के आईपीओ को स्थगित की श्रेणी में रखा गया है। अडानी विल्मर 4500 करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ लाने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी ने हाल ही में सेबी के पास आवेदन किया था। अडानी विल्मर पोर्ट से लेकर एनर्जी तक कारोबार करने वाले अडानी ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी है।

अडानी विल्मर में अडानी एंटरप्राइजेज की 50 फीसदी हिस्सेदारी: इस मामले से वाकिफ एक सूत्र का कहना है कि अडानी एंटरप्राइजेज के खिलाफ जांच लंबित होने के कारण सेबी ने अडानी विल्मर के आईपीओ पर रोक लगाई है। आपको बता दें कि अडानी विल्मर में अडानी एंटरप्राइजेज की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। अडानी विल्मर पॉपुलर खाद्य तेल ब्रांड फॉर्च्यून की बिक्री करती है। अडानी विल्मर में शेष 50 फीसदी हिस्सेदारी सिंगापुर की कंपनी विल्मर के पास है। अडानी विल्मर अडानी ग्रुप और विल्मक की संयुक्त कंपनी है।

इस वजह से लगाई रोक: पॉलिसी के अनुसार यदि किसी कंपनी के खिलाफ सेबी का कोई विभाग जांच कर रहा है और उससे संबंधित कोई अन्य एंटिटी आईपीओ के लिए आवेदन करती है तो उसे 90 दिनों तक मंजूरी नहीं मिलेगी। इसमें 45 दिन की देरी और हो सकती है। वहीं, अडानी ग्रुप का कहना है कि उन्हें इस संबंध में सेबी की ओर से औपचारिक सूचना नहीं मिली है। अडानी ग्रुप का कहना है कि हमारा विदेशी निवेशकों से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इस मुद्दे को बार-बार उठाया जा रहा है। इस मुद्दे के जरिए एक बार फिर निवेशक समुदाय को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। विदेशी निवेशक भी अडानी ग्रुप के अन्य निवेशकों के समान हैं।

मॉरीशस के निवेशकों को लेकर चल रही है जांच: अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज से जुड़े मॉरीशस के निवेशकों को लेकर सेबी जांच कर रहा है। एक सूत्र के मुताबिक, इस जांच को लेकर सेबी को अभी तक मॉरीशस के रेगुलेटर की ओर से कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे पहले जून में सेबी ने लो-कॉस्ट एयरलाइन गोफर्स्ट के आईपीओ पर भी रोक लगा दी थी। यह रोक कंपनी के प्रमोटर वाडिया और बॉम्बे डाइंग के खिलाफ जांच लंबित रहने के कारण लगाई गई थी।

बाबा रामदेव की कंपनी से है मुकाबला: अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी विल्मर का योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी रुचि सोया से सीधा मुकाबला है। बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने पिछले साल दिवालिया प्रक्रिया के दौरान रुचि सोया को खरीदा था। पतंजलि ने अडानी विल्मर को मात देकर ही रुचि सोया को खरीदा था।

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