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SBI रिसर्च का 2016-17 में GDP वृद्धि 6.7% रहने का अनुमान

भारतीय स्टेट बैंक के शोध ब्यूरो ने कहा है कि रिजर्व बैंक हालांकि, अमान्य किये गये नोटों का 44 प्रतिशत बदल चुका है।

Author मुंबई | January 7, 2017 10:02 PM
विश्व बैंक के अनुसार, 2016 से 2018 के दौरान देश में निवेश की वृद्धि 12 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी (फ़ोटो-एपी)

एसबीआई रिसर्च ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। उसका कहना है कि नोटबंदी के कारण उपभोग पर असर पड़ा है और इसीलिए उत्पादन प्रभावित होगा। एसबीआई रिसर्च का अनुमान ऐसे समय आया है जब केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी का उत्पादन वृद्धि पर निश्चित आकलन एक कठिन कार्य है लेकिन जीडीपी वृद्धि तीसरी तिमाही में 6.0 प्रतिशत से कम रहेगी और चौथी तिमाही में इसमें कुछ सुधार आ सकता है। एसबीआई रिसर्च ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में जीडीपी वृद्धि 6.3 प्रतिशत तथा पूरे वित्त वर्ष में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। इतना ही नहीं इसके नीचे जाने का जोखिम भी बताया है।

भारतीय स्टेट बैंक की के इस शोध ब्यूरो ने कहा है कि रिजर्व बैंक हालांकि, अमान्य किये गये नोटों का 44 प्रतिशत बदल चुका है लेकिन अभी तक यह पैसा वापस बैंकिंग तंत्र में धड़ल्ले से नहीं आ रहा है क्योंकि लोग खर्च करने में हिचकिचा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में विशेषतौर पर गिरावट का रुख रहा है। इसमें कहा गया है कि निर्माण, रीयल एस्टेट, सीमेंट और एफएमसीजी क्षेत्रों में तीसरी तिमाही के दौरान बिक्री में दहाई अंक में गिरावट रह सकती है।

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