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भारतीय स्टेट बैंक 30,000 से ज्यादा कर्मचारियों को वीआरएस देने की तैयारी में, लागत कम करने के लिए शुरू होगी स्कीम

ड्राफ्ट स्कीम एसबीआई के ऐसे कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक नौकरी छोड़ने का रास्ता उपलब्ध कराएगी, जो अपने ​करियर के पूरे होने के पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों को भी वीआरएस दिया जाएगा, जिनकी परफॉरमेंस बेहद उच्च स्तर की नहीं है।

state bank of india30,000 से ज्यादा कर्मचारियों को वीआरएस देने की तैयारी में एसबीआई

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने 30,000 कर्मचारियों को समय से पहले रिटायरमेंट लेने का विकल्प देने का फैसला लिया है। इसके लिए बैंक ने वीआरएस स्कीम लाने का फैसला लिया है, जिसके दायरे में 30,190 कर्मचारी आएंगे। मार्च 2020 में बैंक के कुल 2.49 लाख कर्मचारी थे, जबकि इससे पहले मार्च 2019 में यह आंकड़ा 2.57 लाख का था। सूत्रों के मुताबिक बैंक ने वीआरएस का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। इस स्कीम को बैंक ने ‘Second Innings Tap VRS-2020’ नाम दिया है। बैंक का कहना है कि इससे कर्मचारियों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा, इसके अलावा बैंक की लागत में भी कमी आएगी।

ड्राफ्ट स्कीम एसबीआई के ऐसे कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक नौकरी छोड़ने का रास्ता उपलब्ध कराएगी, जो अपने ​करियर के पूरे होने के पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों को भी वीआरएस दिया जाएगा, जिनकी परफॉरमेंस बेहद उच्च स्तर की नहीं है। ऐसे कर्मचारी जिनकी कुछ व्यक्तिगत समस्याएं हैं या बैंक के बाहर अपनी प्रोफेशनल/पर्सनल लाइफ चाहते हैं। यह स्कीम ऐसे सभी कर्मचारियों के लिए खुली होगी, जिनकी आयु 55 वर्ष से ज्यादा है या फिर जिन्होंने नौकरी के 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस स्कीम की शुरुआत 1 दिसंबर से होगी और फरवरी के अंत तक चलेगी। वीआरएस के सभी आवेदन इसी अवधि के दौरान स्वीकार किए जाएंगे। ड्राफ्ट के अनुसार वीआरएस के लिए 11,565 अधिकारी और 18,625 कर्मचारी इस स्कीम के दायरे में आएंगे।

यदि वीआरएस के योग्य कर्मचारियों में से 30 फीसदी ने भी इस विकल्प को चुना तो बैंक को सालाना 1,662 करोड़ रुपये की बचत होगी। ड्राफ्ट के अनुसार वीआरएस स्कीम लेने वाले कर्मचारियों को उनकी नौकरी के कुल वर्षों के मुताबिक 50 फीसदी मासिक सैलरी दी जाएगी या फिर आखिरी सैलरी के बराबर 18 महीनों की सैलरी का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा ग्रैच्युटी, पेंशन, प्रोविडेंट फंड और मेडिकल बेनेफिट्स भी दिए जाएंगे। यही नहीं वीआरएस स्कीम लेने वाले कर्मचारी कूलिंग ऑफ पीरियड के बाद एक बार फिर से एसबीआई के साथ कर्मचारी के तौर पर जुड़ सकते हैं। बता दें कि एसबीआई के कर्मचारियों के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड दो साल का है।

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