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SBI: मिनिमम बैलेंस पर आज से लगेगा इतना चार्ज, जानें फ्री CASH WITHDRAWL की सीमा

बैंक अकाउंट में मंथली एवरेज बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाने पर लगने वाले चार्ज में कटौती करने वाला है। बैंक ने शाखाओं को तीन श्रेणियों- मेट्रो, अर्ध-शहरी और ग्रामीण शाखाओं में वर्गीकृत किया है।

sbiतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

SBI new service charges,withdrawal, minimum balance, cash deposits: देश का सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 1 अक्टूबर 2019 यानि आज से अपने सर्विस चार्ज में बदलाव करने जा रहा है। इस बदलाब का असर बैंक के करोड़ों ग्राहकों पर पड़ने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक सबसे बड़ा बदलाव एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) को लेकर होने वाला है। दरअसल बैंक अकाउंट में मंथली एवरेज बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाने पर लगने वाले चार्ज में कटौती करने वाला है। बैंक ने शाखाओं को तीन श्रेणियों- मेट्रो, अर्ध-शहरी और ग्रामीण शाखाओं में वर्गीकृत किया है।

शाखाओं की श्रेणी के आधार पर, एसबीआई एएमबी की अनुमति देता है और राशि को बनाए रखने में विफल रहने पर बैंक एक निश्चित राशि जुर्माना के तौर पर वसूलता है। संशोधित नियम के तहत, खाताधारकों को मेट्रो और अर्बन ब्रांच में 3 हजार रुपए का एएमबी मेंटेन करना होगा। 50 फीसदी तक कम रखने वाले ग्राहकों को 10 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा। इसी तरह एएमबी 50 से 75 फीसदी तक कम रखने वाले ग्राहकों को 12 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा। अगर कोई खाताधारक 75 फीसदी से भी कम रखने वाले ग्राहकों को 15 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा। इससे पहले यह जुर्माना 60 और जीएसटी था।

वहीं सेमी अर्बन ब्रांच में 2 हजार रुपए का एएमबी मेंटेन करना होगा। 50 फीसदी तक कम रखने वाले ग्राहकों को 7.50 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा। इसी तरह एएमबी 50 से 75 फीसदी तक कम रखने वाले ग्राहकों को 10 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा और अगर 75 फीसदी से भी कम रखने वाले ग्राहकों को 10 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा।

वहीं ग्रामीण शाखाओं में 1 हजार रुपए का एएमबी मेंटेन करना होगा। इन शाखाओं में 50 फीसदी तक कम रखने वाले ग्राहकों को 5 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा। इसी तरह एएमबी 50 से 75 फीसदी तक कम रखने वाले ग्राहकों को 7.50 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा और अगर 75 फीसदी से भी कम रखने वाले ग्राहकों को 12 रुपए जुर्माना और जीएसटी देना होगा।

इसके अलावा एसबीआई अब बैंक से cash withdrawl पर भी शुल्क लगाने जा रहा है। एसबीआई जिन खाताधारकों का मासिक बैलेंस औसतन 25000 रूपाय रहेगा उन खाताधारकों को कैश निकासी पर 2 रूपाय और जीएसटी देना होगा। 25000 से 50000 रूपाय औसत बैलेंस वाले खाताधारक को कैश निकाल पर 10 रूपाय और जीएसटी देना होगा। वहीं 50000 से 100000 रूपाय औसत बैलेंस वाले खाताधारक को कैश निकासी पर 15 रूपाय और जीएसटी देना होगा। अगर किसी खाताधारक के अकाउंट में औसत बैलेंस 100000 से ज्यादा है तो वह खाताधारक असीमित लेनदेन कर सकता है।

एसबीआई खाताधारक जिनका मासिक बैलेंस औसतन 25000 रहता है, वह बैंक ब्रांच से 2 बार मुफ्त में कैश निकाल सकते हैं। 25000 से 50000 औसत बैलेंस वाले खाताधारक 10 बार मुफ्त कैश निकाल सकते हैं। 50000 से 1,00,000 रुपये तक के औसत बैलेंस वाले खाताधारकों बैंक ब्रांच से 15 बार मुफ्त कैश निकाल सकते हैं। 1,00,000 रुपये से अधिक औसत बैलेंस वाले खाताधारक बैंक ब्रांच से कैश निकालने के लिए कोई पाबंदी नहीं है। बैंक ब्रांच से वह कितनी बार भी कैश निकाल सकते हैं।

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