SBI Funds Management IPO: भारत की बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का आईपीओ मंगलवार, 14 जुलाई से निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस पब्लिक इश्यू में 16 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे। आइए जानते हैं सब्सक्रिप्शन, जीएमपी समेत बाकी डिटेल…

SBI Funds Management IPO: कितना है जीएमपी?

एसबीआई फंड्स आईपीओ के शेयरों को ग्रे मार्केट में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अनलिस्टेड मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट के अनुसार, आज, 14 जुलाई को 10:57AM तक ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स शेयर 92 रुपये प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है यानी निवेशकों को लिस्टिंग पर 16.03% लिस्टिंग गेन मिल सकता है।

हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि किसी आईपीओ के शेयर मार्केट में ग्रे मार्केट की चाल के अनुसार ही लिस्ट हो. ग्रे मार्केट सिर्फ एक अनुमान देता है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ प्राइस बैंड और मार्केट लॉट

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ का प्राइस बैंड प्रति शेयर 545 रुपये से 574 रुपये है और आईपीओ की मिनिमम मार्केट लॉट 26 शेयरों की है। इसके लिए एप्लीकेशन अमाउंट 14,924 रुपये है। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें 338 शेयर होंगे और अमाउंट 1,94,012 रुपये होगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ: अलॉटमेंट डेट और लिस्टिंग डेट

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट संभावित 17 जुलाई और लिस्टिंग संभावित 21 जुलाई, 2026 को होगी।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बारे में

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट भारत की बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। यह भारतीय स्टेट बैंक और फ्रांस की वैश्विक एसेट मैनेजमेंट कंपनी Amundi का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड की निवेश योजनाओं का प्रबंधन करती है और इक्विटी, डेट ओवरनाइट और ओवरसीज फंड-ऑफ-फंड्स सहित 126 म्यूचुअल फंड स्कीम संचालित करती है।

एक नजर में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ की सारी जानकारी

पैरामीटरजानकारी
कितना है प्राइस बैंड545 – 574 रुपये प्रति शेयर
IPO खुलने की तारीख14 जुलाई
बंद होने की तारीख16 जुलाई
इश्यू साइजलगभग 11,692.91 करोड़ रुपये
लॉट साइज26 शेयर
एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश14,924 रुपये (ऊपरी प्राइस बैंड पर)
रिटेल निवेशक अधिकतम आवेदन13 लॉट (338 शेयर)
अधिकतम निवेश राशि (रिटेल)1,94,012 रुपये
इश्यू टाइपऑफर फॉर सेल (OFS)
संभावित लिस्टिंग तारीख21 जुलाई 2026 (अनुमानित)

यह भी पढ़ें: कंपनियों की Credit Rating कौन तय करता है?

कोई कंपनी जब डिबेंचर, बॉन्ड या दूसरे डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए निवेशकों से पैसा जुटाती है, तो उसके साथ अक्सर AAA, AA, A, BBB या D जैसी क्रेडिट रेटिंग दिखाई देती है। निवेशक कई बार इसी रेटिंग्स को देखकर अपने निवेश का फैसला लेते हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि ये रेटिंग्स कौन देता है, कैसे तय होती है और AAA से D तक का मतलब क्या होता है? आइए आसान भाषा में समझते हैं…

[Disclaimer: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श जरूर करें। निवेश से होने वाले किसी भी लाभ या हानि के लिए वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।]