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स्टेट बैंक में सहयोगी बैंकों के विलय से 120 अरब डॉलर की पूंजी जुड़ेगी

स्टेट बैंक ने कहा है कि इस विलय के बाद भारतीय स्टेट बैंक दुनिया के शीर्ष 50 बैंक में पहुंच जाएगा।

Author मुंबई | Published on: August 20, 2016 11:18 PM
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)

भारतीय स्टेट बैंक ने शनिवार (20 अगस्त) को कहा कि उसके पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का उसमें विलय होने से 8,00,000 करोड़ रुपए यानी 120 अरब डॉलर की संपत्ति उसमें जुड़ेगी और वह विश्व स्तर का बैंक बनेगा। स्टेट बैंक ने कहा है कि उसके सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक के विलय के बाद स्टेट बैंक की कुल संपत्ति में 36 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह 30,00,000 करोड़ यानी करीब 447 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगी। सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंकों –स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर– तथा सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक भारतीय महिला बैंक का स्टेट बैंक में विलय का फैसला किया है।

स्टेट बैंक ने कहा है कि इस विलय के बाद भारतीय स्टेट बैंक दुनिया के शीर्ष 50 बैंक में पहुंच जाएगा और निजी क्षेत्र का आईसीआईसीआई बैंक जिसे इसकी टक्कर का माना जाता है उसकी पूंजी इसके मुकाबले एक चौथाई ही रह जाएगी। विलय के बाद स्टेट बैंक की शाखाओं का नेटवर्क 24,000 शाखाओं का हो जाएगा जिसमें 2,70,000 कर्मचारी होंगे और 58,000 एटीएम का नेटवर्क होगा तथा ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ तक पहुंच जाएगी। सरकार के फैसले के बाद इस सप्ताह गुरुवार (18 अगस्त) को स्टेट बैंक के निदेशक मंडल ने विलय की योजना को मंजूरी दे दी और विलय के लिए बैंक शेयरों का अनुपात भी तय कर दिया।

इसके मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के 10 रुपए मूल्य के प्रत्येक 10 शेयरों के लिए स्टेट बैंक के एक रुपए मूल्य के 28 शेयर दिए जाएंगे। इसी प्रकार स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के दस रुपए मूल्य के प्रत्येक 10 शेयरों के लिये स्टेट बैंक के एक रुपए मूल्य के 22-22 शेयर दिए जाएंगे। भारतीय महिला बैंक के मामले में इस बैंक के प्रत्येक 100 करोड़ शेयरों के एवज में स्टेट बैंक के 4,42,31,510 शेयर की अदला-बदली होगी। स्टेट बैंक के बाकी दो सहयोगी बैंक–स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद–सूचीबद्ध नहीं हैं और इनका पूर्ण स्वामित्व पहले से ही स्टेट बैंक के पास है।

अर्न्स्ट एण्ड यंग में वित्तीय सेवाओं के विभाग में राष्ट्रीय प्रमुख एवं भागीदार एबीजेर दीवानजी जिन्होंने विलय के मामले में शेयरों की अदला-बदली के बारे में सलाह दी है, का कहना है कि शेयरों का यह अनुपात सभी शेयरधारकों को स्वीकार्य होगा। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने स्टेट बैंक में सहयोगी बैंकों के विलय को मंजूरी दे दी थी। स्टेट बैंक के दो सहयोगी बैंकों–स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर–का इसमें विलय किया जा चुका है। वर्तमान में स्टेट बैंक की 16,500 शाखायें हैं जिनमें से 191 शाखायें 36 देशों में फैली हैं। पांच सहयोगी बैंकों की 6,800 शाखाएं हैं। भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 2 जून 1806 को बैंक ऑफ कोलकाता के रूप में हुई थी। 27 जनवरी 1921 को इसका नाम इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया रखा गया और उसके बाद एक जुलाई 1955 को राष्ट्रीयकरण के बाद इसे भारतीय स्टेट बैंक नाम दिया गया।

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