डूबते Yes Bank को SBI और LIC का सहारा, दोनों मिलकर खरीदेंगे 49 पर्सेंट हिस्सेदारी, जानिए- क्या है उबरने का प्लान

Yes Bank revival plan: सिर्फ 490 करोड़ रुपये की रकम में एलआईसी और एसबीआई यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी ले सकते हैं। आरबीआई की ओर से यस बैंक के इस बेलआउट प्लान को मंजूरी दी जा चुकी है।

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Yes Bank को उबारेंगे एसबीआई और एलआईसी

Yes Bank revival plan: कर्ज के संकट में फंसे यस बैंक को बचाने के लिए सरकार ने देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और बीमा कंपनी एलआईसी का दरवाजा खटखटाया है। इन दोनों कंपनियों के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम यस बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदकर पूंजी लगा सकता है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एसबीआई और एलआईसी मिलकर कैश के संकट से जूझ रहे यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी ले सकते हैं।

दोनों कंपनियों के बीच 24.5 फीसदी हिस्सेदारी हो सकती है। यस बैंक के शेयरों को दोनों कंपनियां महज 2 प्रति शेयर के आधार पर लेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 490 करोड़ रुपये की रकम में एलआईसी और एसबीआई यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी ले सकते हैं। आरबीआई की ओर से यस बैंक के इस बेलआउट प्लान को मंजूरी दी जा चुकी है।

यही नहीं भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड ने भी गुरुवार को मीटिंग कर यस बैंक में निवेश को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को देर शाम एसबीआई के बोर्ड ने सेबी को भी जानकारी दी है। एसबीआई बोर्ड ने बताया, ‘गुरुवार की शाम को यस बैंक से जुड़े मसले पर बोर्ड की मीटिंग में चर्चा हुई। यस बैंक में निवेश को मीटिंग में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है।’

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया है और अपने प्रशासक के तौर पर प्रशांत कुमार को नियुक्त किया है। प्रशांत कुमार फिलहाल एसबीआई के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर भी हैं। इसके साथ ही आरबीआई ने यस बैंक से ग्राहकों के एक महीने में 50,000 रुपये से ज्यादा की निकासी पर रोक भी लगा दी है।

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