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कर्ज और डिपॉजिट ग्रोथ के मामले में इस सरकारी बैंक ने मारी बाजी, SBI को भी छोड़ा पीछे

कर्ज और डिपॉजिट ग्रोथ के लिहाज से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बीच सबसे बेहतर प्रदर्शन बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने किया है।

सबसे बेहतर प्रदर्शन बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने किया है (Photo-Indian Express)

वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान कर्ज और डिपॉजिट ग्रोथ के लिहाज से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बीच सबसे बेहतर प्रदर्शन बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने किया है। मतलब ये कि इस बैंक में डिपॉजिट भी ज्यादा हुई है तो लोन भी बांटे गए हैं।

कितनी है ग्रोथ: बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) के आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 में उसने ग्रॉस एडवांस में 13.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और इसके तहत राशि 1.07 लाख करोड़ रुपये रही। इसके बाद पंजाब एंड सिंध बैंक का स्थान रहा, जिसने मार्च 2021 में खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान 67,811 करोड़ रुपये के कुल लोन के साथ 8.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

जमा राशि जुटाने के लिहाज से बीओएम लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई से भी आगे रहा। आपको बता दें कि एसबीआई ने डिपॉजिट में 13.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, कुल मिलाकर एसबीआई का जमा आधार बीओएम के 1.74 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 36.81 लाख करोड़ रुपये या 21 गुना अधिक है। साल के दौरान बीओएम का कुल कारोबार 14.98 प्रतिशत बढ़कर 2.81 लाख करोड़ रुपये रहा।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मुनाफा बढ़ा: वित्त वर्ष 2020- 21 में  बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मुनाफा 42 प्रतिशत बढ़कर 550.25 करोड़ रुपये रहा जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष में 388.58 करोड़ रुपये रहा था। संपत्ति गुणवत्ता में भी बैंक ने अच्छी सफलता हासिल की है। मार्च 2021 को समाप्त वर्ष के दौरान बैंक की एनपीए तेजी से घटकर 7.23 प्रतिशत रह गई जो कि एक साल पहले 12.81 प्रतित पर थी।

यस बैंक की ओर से आई ये खबर: इस बीच, निजी क्षेत्र के यस बैंक को 10,000 करोड़ रुपए जुटाने की मंजूरी मिल गई है। निदेशक मंडल से ये मंजूरी मिल गयी है। (ये पढ़ें- 7th Pay Commission: दिव्यांग कर्मचारियों के लिए है ये नियम)

यस बैंक के निदेशक मंडल ने 10 जून, 2021 को हुई बैठक में रिण प्रतिभूतियां जारी कर भारतीय/विदेशी मुद्रा में 10,000 करोड़ रुपए तक की धनराशि जुटाने की योजना पर विचार किया और उस पर शेयरधारकों की सहमति लेने की मंजूरी दे दी। बैंक ने कहा कि जारी की जाने वाली रिण प्रतिभूतियों में गैर परिवर्तनीय डिबेंचर, बांड, मध्यमकालीन नोट (एमटीएन) सहित अन्य शामिल होंगे। (कोरोना काल में बदले हैं नाइट ड्यूटी अलाउंस के नियम, ऐसे मिलेगा फायदा​)

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