कैश की कमी रोकने के लिए SBI ने उठाया कदम, बैंक, एटीएम के अलावा यहां से भी निकाल सकेंगे रुपए

स्टेट बैंक की 6.08 लाख पीओएस मशीन हैं। इनमें से 4.78 लाख मशीन में यह सुविधा है कि वह कस्टमर को कैश दे सकती हैं। पीओएस मशीन बिल्कुल कार्ड स्वाइप करने वाली मशीन की तरह ही होती है।

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एक्सप्रेस फोटो)

कई राज्यों में कैश की किल्लत चल रही है। अब स्टेट बैंक ने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए लोगों को एक नई सर्विस दी है। स्टेट बैंक ने सभी बैंकों के ग्राहकों को अपने Cash@POS पहल के तहत कैश निकालने की सुविधा दे दी है। अब अगर किसी को कैश निकालना है तो वह स्टेट बैंक द्वारा मर्चेंट्स के यहां लगाई गई POS (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन से निकाल सकता है। बैंक के मुताबिक, वन और टू टियर सिटी में 1,000 रुपए तक रोजाना कैश निकाल सकते हैं। इसके अलावा 3 से 6 टियर सिटी में रोजाना एक कार्ड से 2,000 रुपए निकाल सकते हैं। बैंक ने कहा है कि इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। स्टेट बैंक की 6.08 लाख पीओएस मशीन हैं। इनमें से 4.78 लाख मशीन में यह सुविधा है कि वह कस्टमर को कैश दे सकती हैं। पीओएस मशीन बिल्कुल कार्ड स्वाइप करने वाली मशीन की तरह ही होती है। इसमें खाते में बैलेंस चेक किया जा सकता है। इसके अलावा डिस्काउंट और ऑफर्स आदि को भी मैनेज किया जाता है। इसमें कार्ड से पैसे निकालने या दूसरी ट्रांजैक्शन करने के लिए यूजर को एटीएम पिन डालना होगा।

हाल ही में स्टेट बैंक के चैयरमेन रजनीश कुमार ने कहा था कि कैश की कमी की दिक्कत को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। कुमार ने कहा था कि ऐसे कुछ इलाके हैं, जहां एटीएम चलाने में दिक्कत आ रही है। विशेष रूप से नकदी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। यह एक नकदी संकट की समस्या हर जगह नहीं है। यह तेलंगाना और बिहार जैसे क्षेत्रों में है। उन्होंने कहा था कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह समस्या जल्द हल हो जाएगी। लोगों के पास तक नकदी जल्द ही पहुंच जाएगी।

वहीं, एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया था कि आरबीआई को नोट छपाई में समय लगेगा, इसलिए नकदी संकट से उबरने में दो हफ्ते का वक्त लग सकता है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट में जितना कैश का फ्लो होना चाहिए, उसमें 70,000 करोड़ रुपए की अब भी कमी है। ऐसे में, नकदी संकट से जूझ रहे देश के कई हिस्सों को राहत कम से कम दो हफ्तों में मिल सकेगी।

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