Rule of 144 Explained: निवेश की दुनिया में “Rule of 144” एक उपयोगी फॉर्मूला है, यह बताता है कि आपका पैसा चार गुना होने में कितना समय लेगा। इस नियम के मुताबिक, 144 को आपके निवेश पर मिलने वाली वार्षिक ब्याज दर से भाग देने पर आपको वर्षों में अनुमानित समय मिल जाता है। यह नियम चक्रवृद्धि ब्याज के सिद्धांत पर आधारित है और निवेशकों को लंबी अवधि की योजना बनाने में सहायता करता है।
क्या है नियम 144?
144 ÷ ब्याज दर
इसका मतलब है कि 144 को ब्याज दर (interest rate) से भाग (divide) कर दीजिए, आपको वर्षों में समय मिल जाएगा।
आसान उदाहरण से समझें –
मान लीजिए आपने 1 लाख रुपये निवेश किए हैं और आपको 8% सालाना रिटर्न मिल रहा है।
अब फॉर्मूला लगाते हैं:
144 ÷ 8 = 18 साल
इसका मतलब है कि 8% ब्याज दर पर आपका 1 लाख रुपये लगभग 18 साल में 4 लाख रुपये बन जाएगा।
यह नियम क्यों काम करता है?
यह नियम चक्रवृद्धि ब्याज के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें आपका पैसा हर साल बढ़ता है और उस पर मिलने वाला ब्याज भी अगले साल ब्याज कमाता है। यही वजह है कि लंबे समय में निवेश तेजी से बढ़ता है।
अलग-अलग ब्याज दर पर समय
– 6% रिटर्न → 144 ÷ 6 = 24 साल
– 7% रिटर्न → 144 ÷ 7 = 20.5 साल
– 10% रिटर्न → 144 ÷ 10 = 14.4 साल
– 12% रिटर्न → 144 ÷ 12 = 12 साल
इसका मतलब है कि जितनी ज्यादा रिटर्न दर होगी, उतनी जल्दी आपका पैसा 4 गुना होगा।
इस बात का रखें ध्यान
यह फॉर्मूला एक अनुमान देता है, यह बिल्कुल सटीक गणना नहीं है। असल रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव, टैक्स और अन्य फैक्टर्स पर भी निर्भर करता है। फिर भी, यह नियम निवेश की योजना बनाने और टारगेट तय करने में काफी मददगार है।
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सैलरी आते ही 50/30/20 के नियम को बजट बनाने का आसान और लोकप्रिय तरीका माना जाता है। यह नियम आपकी मंथली सैलरी को तीन हिस्सों में बांटकर खर्च और बचत को संतुलित करने में मदद करता है। इस नियम के अनुसार आपकी कमाई का 50% जरूरी खर्चों पर, 30% लाइफस्टाइल खर्चों पर और 20% बचत या निवेश के लिए रखा जाता है। यहां पढे़ं पूरी खबर…
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