अडाणी को कैसे मिला 1 अरब डॉलर का कर्ज

कांग्रेस ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी की आस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान अडाणी समूह को कार्मिकेल कोयला खदान को विकसित करने के लिए एक अरब अमेरिकी डालर का कर्ज दिए जाने के स्टेट बैंक आफ इंडिया के फैसले पर सवाल उठाया है। साथ ही पार्टी ने बचत प्रमाण-पत्र योजना को फिर से शुरू किए […]

कांग्रेस ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी की आस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान अडाणी समूह को कार्मिकेल कोयला खदान को विकसित करने के लिए एक अरब अमेरिकी डालर का कर्ज दिए जाने के स्टेट बैंक आफ इंडिया के फैसले पर सवाल उठाया है। साथ ही पार्टी ने बचत प्रमाण-पत्र योजना को फिर से शुरू किए जाने के फैसले पर भी सरकार को घेरा है।

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अडाणी को कर्ज देने का एसबीआइ का औचित्य क्या है, और वह भी ऐसे समय में जब पांच विदेशी बैंकों ने परियोजना के लिए इस समूह को कर्ज देने से इनकार कर दिया था। अडाणी को इतना बड़ा कर्ज देने पर सवाल उठाते हुए माकन ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि आखिर एसबीआइ इस परियोजना के लिए अदाणी के साथ हस्ताक्षर किए गए सहमति पत्र को क्यों नहीं दिखा रही है।
माकन ने कहा कि जब पांच शीर्ष विदेशी बैंकों ने अडाणी की परियोजना के लिए कर्ज देने से इनकार कर दिया तो आम जनता की जमा की गई गाढ़ी कमाई के धन से उन्हें इतना बड़ा कर्ज देने की क्या जरूरत थी और क्या मतलब था। माकन ने सवाल किया कि कि क्या एसबीआइ ने यथोचित प्रयास किया था। अगर उसने ऐसा किया था तो वह एमओयू को घोषित क्यों नहीं कर रही है। किन शर्तों पर यह किया गया और देनदारी क्या थी।

एक सवाल के जवाब में माकन ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस दूसरे दलों के साथ मिलकर इस मुद्दे को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में उठा सकती है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भाजपा तगह-तरह के वादे कर सत्ता में आई है। इनमें विदेशों से कालाधन वापस लाना भी शामिल था। लेकिन यह दुखद है कि वह सरकार जो काला धन वापस लाने की बात कर रही थी, अब काला धन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने किसान विकास पत्र को फिर से शुरू किए जाने के केंद्र के फैसले पर सवाल खड़ा किया। मालूम हो कि देश में बचत बढ़ाने के इरादे से सरकार ने मंगलवार को किसान विकास पत्र को फिर से शुरू किया है। यह छोटे निवेशकों को निवेश का विश्वसनीय विकल्प उपलब्ध कराएगा और पोंजी योजनाओं से दूर रखेगा।

माकन ने लघु बचत योजनाओं और उनकी जन नीति उद्देश्यों पर श्यामला गोपीनाथ समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने मनी लांडिंग और वित्तीय आतंकवाद के जोखिम के मद्देनजर किसान विकास पत्र को बंद किए जाने की सिफारिश की थी। माकन ने कहा कि हालांकि मोदी सरकार विदेशों से कालाधन लाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात करती है, लेकिन उसने किसान विकास पत्र योजना को फिर से शुरू किया है। इस योजना को इसलिए बंद किया गया था, क्योंकि आशंका थी कि इससे कालेधन को बढ़ावा मिल सकता है।

कांग्रेस नेता ने कहा- मैं वित्त मंत्री अरुण जेटली से यह जानना चाहता हूं कि उन्होंने इस योजना को फिर से क्यों शुरू किया। क्या विदेशों से कालाधन लाने की उनकी बात सिर्फ जबानी जमाखर्च थी।

कांग्रेस ने एक पुस्तिका भी जारी करने की बात की है जिसमें मौजूदा सरकार को यू-टर्न लेने वाली सरकार के रूप में पेश किया जाएगा।

 

 

 

Next Stories
1 भारत के साथ रक्षा रिश्तों को मजबूत करना चाहता है अमेरिका
2 रुपया 9 महीने के न्यूनतम स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 18 पैसे गिरकर 62.14 पर
3 कोयला खानों की नीलामी फरवरी में, बिजली दरों में वृद्धि की आशंका नहीं
यह पढ़ा क्या?
X