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दिल्ली की गली में एक दवाखाने से हुई थी हमदर्द की शुरुआत, आज 600 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर

बीते साल रमजान के मौके पर रूहअफजा की कमी देखी गई थी और यह एक मुद्दा बन गया था कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इससे समझा जा सकता है कि कंपनी का रूहअफजा कितना लोकप्रिय रहा है।

hamdard rooh afzah114 साल पहले दिल्ली में एक दवाखाने से हुई थी हमदर्द की शुरुआत

रूहअफजा समेत तमाम उत्पादों के लिए मशहूर हमदर्द की शुरुआत दिल्ली में एक छोटे से दवाखाने से हुई थी। आजादी से पहले 1906 में हकीम हाफिज अब्दुल मजीद ने पुरानी दिल्ली में एक छोटा सा यूनानी क्लिनिक खोला था और फिर इसका विस्तार ऐसा हुआ कि हमदर्द कंपनी बन गई। आज भारत में यूनानी दवाओं के मामले में हमदर्द पहले स्थान पर है। हकीम अब्दुल मजीद का जल्दी ही निधन हो गया था, लेकिन फिर उनकी पत्नी राबिया बेगम ने अपने बेटे हकीम अब्दुल हमीद के साथ मिलकर इसे आगे बढ़ाया। उनकी दवाओं के असर के चलते काफी चर्चा होती थी। कुछ सालों बाद अब्दुल हमीद को छोटे भाई हकीम मोहम्मद सईद का भी साथ मिला और दोनों ने इसे नई ऊंचाईयां दीं।

हमदर्द अब एक यूनानी दवा कंपनी बन चुका था। लेकिन दोनों भाईयों का मकसद सिर्फ कारोबार करना ही नहीं था। इसलिए दोनों ने मिलकर इसे एक ट्रस्ट में तब्दील कर दिया गया। 2016 में कंपनी का टर्नओवर 600 करोड़ रुपये के करीब था। दिलचस्प बात यह है कि इस टर्नओवर में करीब आधी हिस्सेदारी रूहअफजा की ही थी। बीते साल रमजान के मौके पर रूहअफजा की कमी देखी गई थी और यह एक मुद्दा बन गया था कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इससे समझा जा सकता है कि कंपनी का रूहअफजा कितना लोकप्रिय रहा है। हमदर्द लैबोरेट्रीज का कहना था कि रूहअफजा को तैयार करने के लिए जरूरी कुछ उत्पादों की सप्लाई कम होने के चलते उत्पादन में कमी पैदा हुई थी।

कोरोना इम्युनिटी बूस्टर दवाओं का भी शुरू किया ट्रायल: यही नहीं हमदर्द लैबोरेट्रीज ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अपनी दो इम्युनिटी बूस्टर दवाओं का ट्रायल भी शुरू किया है। कंपनी ने कहा था कि उसे इन दवाओं के ट्रायल की अनुमति मिल गई है, जिनके नाम हैं इन्फुजा और कुलजाम। आयुष मंत्रालय की मंजूरी के बाद हमदर्द की ओर से इम्युनिटी बूस्टर दवाओं का ट्रायल शुरू किया गया है।

इन उत्पादों के लिए भी मशहूर है हमदर्द: रूहअफजा के अलावा हमदर्द अपनी कुछ अन्य दवाओं के लिए भी जाना जाता है। रक्त में विकारों को दूर करने के लिए साफी काफी चर्चित है। इसके अलावा हमदर्द की सिंकारा, रोगन बादाम शिरीन, जोशीना, स्वालीन जैसे टॉनिक भी मशहूर हैं। हमदर्द का दिल्ली में जामिया हमदर्द के नाम से प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी है।

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