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चावल निर्यात में एक हजार करोड़ का घोटाला

बीते दो बरसों में भारत से चावल के वैध निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। उसने 2014-15 में संयुक्त अरब अमीरात को 2,77,880.22 किलो बासमती चावल का निर्यात किया।

Author नई दिल्ली | February 29, 2016 2:23 AM
पिछले वित्त वर्ष में ईरान को 9,35,567.81 किलो बासमती चावल का निर्यात किया है।

अधिकारियों ने उच्च गुणवत्ता के बासमती चावल के ईरान को निर्यात करने में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का खुलासा किया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) की ओर से की जा रही जांच के अनुसार दो लाख मीट्रिक टन से अधिक बासमती चावल को पिछले साल दुबई में उतार लिया गया जबकि इसे ईरान के बंदर अब्बास ले जाना था। चावल की इस खेप की कीमत एक हजार करोड़ रुपए बताई गई है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में हरियाणा और पंजाब के 25 से अधिक बड़े निर्यातक डीआरआइ और दूसरी एजेंसियों की जांच के घेरे में है। सूत्रों ने कहा कि चावल गुजरात के कांडला बंदरगाह ले जाया जाता था। निर्यातक चावल का ईरान में निर्यात करने से जुड़ा पोत परिहवन संबंधित बिल जमा करते थे। चावल की खेप को ईरान के तट तक ले जाने की बजाय जहाजों को उनके परिचालकों की मिलीभगत से दुबई की ओर मोड़ दिया जाता था।

हैरान करने वाली बात यह है कि भारत में इन निर्यातकों को चावल के बदले में भुगतान ईरान से किया जाता था। आयातकों और बंदरगाह अधिकारियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उनको चावल की खेप मिलीं और इन्होंने इनके एवज में भुगतान भी किया।

खुफिया एजंसियों को जो बात सबसे अधिक चिंता में डाल रही है वो यह है कि वे यह नहीं जानतीं कि दुबई में उतारे गए चावल की खेप आखिरकार कहां गई। उनको संदेह है कि इसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए वित्तपोषण जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में किया गया। डीआरआइ ने उच्चतम स्तर पर इस घोटाले की बात को उठाया है और इसको लेकर वह दुबई में संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में है।

सूत्रों का कहना है कि प्रथम दृष्टया दो लाख मीट्रिक टन चावल ईरान की बजाय दुबई में उतारा गया। उन्होंने कहा कि भारत को विदेशी मुद्रा का नुकसान हुआ जिसे वह दुबई के साथ सही ढंग से व्यापार की स्थिति में हासिल करता। ईरान को सीमाशुल्क का नुकसान हुआ है जिसे वह चावल की खेप अपने समुद्र तट पर पहुंचने के बाद प्राप्त करता।
अधिकारियों को संदेह है कि यह घोटाला काले धन का हिस्सा मालूम पड़ता है। डीआरआइ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित काले धन संबंधी एसआइटी को इस मामले के बारे में सूचित कर दिया है। मामले को प्रवर्तन निदेशालय के भी संज्ञान में लाया गया है।

बीते दो बरसों में भारत से चावल के वैध निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। उसने 2014-15 में संयुक्त अरब अमीरात को 2,77,880.22 किलो बासमती चावल का निर्यात किया। पिछले वित्त वर्ष में ईरान को 9,35,567.81 किलो बासमती चावल का निर्यात किया है।

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