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आरबीआई ने रद किया नए ब्रांच के लिए बंधन बैंक का लाइसेंस, चीफ का वेतन भी फ्रीज

बैंक ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को रिजर्व बैंक द्वारा बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ चंद्र शेखर घोष का वेतन भी रोकने की जानकारी दी है। आरबीआई ने ये कार्रवाई लाइसेंस की शर्तों का पालन न करने पर की है।

बंधन बैंक की प्र‍तीकात्‍मक तस्‍वीर। फोटो- फाइनेंशियल एक्‍सप्रेस

रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया ने बंधन बैंक की नई शाखाएं खोलने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले आदेश तक बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ चंद्र शेखर घोष का वेतन भी रोकने के आदेश दिए हैं। बैंक ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को रिजर्व बैंक द्वारा बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ चंद्र शेखर घोष का वेतन भी रोकने की जानकारी दी है।  आरबीआई ने ये कार्रवाई लाइसेंस की शर्तों का पालन न करने पर की है। नियमों के मुताबिक बंधन बैंक को नॉन आॅपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) की हिस्सेदारी को घटाकर 40 फीसदी करना था, लेकिन बैंक ऐसा करने में विफल रहा।

बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘आरबीआई ने हमें बताया है कि बैंक लाइसेंसिग शर्तों के मुताबिक एनओएफएचसी की हिस्सेदारी कम कर 40 फीसद पर लाने में विफल रहा है, इसलिए नए ब्रांच को खोलने के लिए दी गई मंजूरी वापस ली जाती है और साथ ही बैंक के एमडी और सीईओ के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाई जाती है।’

वैसे बता दें कि बंधन बैंक मार्च महीने में अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले 30 फीसद प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। बैंक मुख्य रूप से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में काम करता है। बंधन बैंक ने कहा कि वह लाइसेंसिंग शर्तों के मुताबिक एनओएफएचसी की हिस्सेदारी को कम करने के लिए आवश्यक उपाय कर रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक का प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक आठवां सबसे बड़ा बैंक है। बंधन बैंक का मुख्यालय कोलकाता में है। इसकी शुरुआत माइक्रो फाइनेंसिंग के रूप में 2001 में हुई थी। 2014 में इसे बैंकिंग लाइसेंस मिला था।

बंधन बैंक के सीईओ और एमडी चंद्रशेखर घोष। (फोटो सोर्स: एक्‍सप्रेस फोटो)

रिजर्व बैंक ने मांगे थे आवेदन: फरवरी 2013 में, भारतीय रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र को नए बैंकिंग लाइसेंस का आवेदन करने के लिए अपने आखिरी दिशानिर्देश जारी किए थे। अपने दिशा निर्देशों में रिजर्व बैंक ने कहा था कि निजी क्षेत्र की संस्था या समूह, सरकारी संस्थाएं और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां बैंक की स्थापना कर सकती हैं। इन कंपनियों का स्वामित्व पूरी तरह से गैर आॅपरेटिव वित्तीय होल्डिंग कंपनी के पास होगा। गठित की जाने वाली कंपनी को गैर बैंकिग वित्तीय कॉर्पोरेशन के तौर पर ​गठित किया जाएगा।

दो आवेदनों को मिली थी मंजूरी: इसके बाद आए कई आवेदनों में से रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया ने दो आवेदकों के आवेदन को मंजूरी दी। ये दो आवेदक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी (आईडीएफसी) और छोटी रकम के कर्ज देने वाली कंपनी बंधन फाइनेंशियल थे। इस कंपनी को नॉन आॅपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी के तौर पर बैंकिंग सेवाएं शुरू करने का आदेश मिला था।

क्या है नॉन आॅपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी? : नॉन आॅपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी की अवधारणा के तहत दो होल्डिंग कंपनियां अलग-अलग काम करती हैं। यदि दोनों कंपनियों का स्वामित्व एक कंपनी के पास होने के बावजूद वह एक दूसरे की वित्तीय गतिविधि में दखल नहीं देती हैं।

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