ताज़ा खबर
 

याद रखें Ratan Tata की यह बातें, कभी भी नहीं डूबेगा आपका कारोबार

अगर आप भी अपना खुद स्‍टार्टअप शुरू किया है और सफलता की राह देख रहे हैं तो रतन टाटा की कुछ बातें आप काफी फायदेमंद साबित हो सकती हैं। स्‍टार्टअप को लेकर रतन टाटा क्‍या कहते हैं आइए आपको भी बताते हैं।

यूएस की नौकरी छोड़ इस वजह से भारत लौट आए थे रतन टाटा (फोटो क्रेडिट- फाइनेंशियल एक्सप्रेस)

कोरोना काल में कई लोगों ने अपना स्‍टार्टअप शुरू किया, लेकिन वो सफल नहीं हो सके। वहीं उससे पहले भी लोगों ने मुद्रा लोन लेकर या बैंकों से उधार लेकर अपने खुद के काम की शुरूआत की। सफलता अभी भी उनके लिए दूर की कौड़ी बनी हुई है। ऐसे में रतन टाटा की कुछ बातों को मानना काफी जरुरी है। जो एक कारोबारी को सफल कारोबारी बनाने में अहम योगदान दे सकती है। वास्‍तव में स्‍टार्टअप लेकर उनका कांसेप्‍ट थोड़ा डिफ्रेंट रहा है। वैसे उन्‍होंने खुद कई स्‍टार्टअप में निवेश किया हुआ है और वो सफलता ऊंचाईयों को छू रहे हैं। वो खुद को ऐक्सिडेंटल इन्वेस्टर भी कहते हैं। आइए जानते हैं कि किसी भी स्‍टार्टअप को शुरू करने से पहले किन बातों की ओर ध्‍यान रखना चाहिए। ताकि उन्‍हें सफलता के लिए लंबा इंतजार ना करना पड़े।

इनोवेशन और वैल्‍यू पर ध्‍यान देने की जरुरत : रतन टाटा के अनुसार किसी भी स्‍टार्टअप का फ्यूचर तभी अच्‍छा हो सकता है जब उसमें नए इनोवेशन किए गए हो। नए प्रयोग होने से स्‍टार्टअप की सफलता की गारंटी बढ़ जाती है। गौत करने वाली बात यह है रतन टाटा ने उन स्‍टार्टअप में निवेश किया जिसमें ज्‍यादा से ज्‍यादा इनोवेशन किया गया है। वहीं दूसरी ओर रतन टाटा किसी स्‍टार्टअप के लिए वैल्‍यू फैक्‍टर को ज्‍यादा जरूरी है। वो किसी कंपनी के रातोंरात फरार जैसी घटना के वे सख्‍त खिलाफ हैं। आपको बता दें कि टाटा ग्रुप की वैल्‍यू काफी ज्‍यादा है।

सकारात्‍मक रवैया होना काफी जरूरी : रतन टाटा के अनुसार किसी भी स्टार्टअप के प्रमोटर्स का रवैया कैसा है, किस आइडिया और मानसिकता के साथ आए हैं। यह सब किसी भी स्‍टार्टअप की सफलता के लिए काफी जरूरी है। टाटा के अनुसार वो नए आइडिया वाले स्‍टार्टअप में इंवेस्‍ट करना पसंद करते हैं। वहीं उनका यह भी मानना है कि किसी भी स्‍टार्टअप के लिए ग्‍लोबल होने का कोई राइट टाइम नहीं होता है। इसकी जिम्‍मेदारी और समझदारी स्‍टार्टअप फाउंडर पर है कि उन्‍हें अपने कारोबार को कब ग्‍लोबल करना है। साथ ही रतन टाटा इस बात तो भी ऑब्‍जर्व करते हैं कि स्‍टार्टअप के फाउंडर कितने मैच्‍योर हैं और कंपनी को लेकर कितने सीरियस हैं।

काम पर ध्‍यान और दूसरों को सम्‍मान : रतन टाटा अपने काम को लेकर हमेशा फोकस्‍ड रहे हैं। इसलिए उन्‍हें सिर्फ बिजनेस करने के अलावा कुछ और करते हुए देखा नहीं गया। ना तो वो राजनीति करते दिखाई दिए या फ‍िर कुछ और। उन्‍होंने सबसे पहले अपने काम को प्रायोरिटी दी। वहीं उनका मानना है कि आपकी कंपनी में कोई कर्मचारी हो, किसी भी ओहदे पर हो, उसका सम्‍मान करना काफी जरूरी है। तभी वो आपका अपने काम का सम्‍मान करेगा और आपके पास लंबे समय तक टिका रहेगा। रतन टाटा को जानने वाले कहते हैं क‍ि वो हमेशा शांत रहते हैं और अपने छोटे से छोटे कर्मचारी के साथ बड़े प्‍यार से मिलते हैं।

Next Stories
1 कोरोना काल में मुकेश अंबानी ने की हर मिनट में 1.5 करोड़ रुपए की कमाई, स्‍टाफ को देते हैं लाखों में सैलरी
2 Tcs Vs Wipro Vs Infosys: किस IT कंपनी के सीईओ को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी, जानिए डिटेल
3 Petrol-Diesel Today, 11 June 2021: फ‍िर बढ़ी पेट्रोल-डीजल पर महंगाई, दिल्‍ली से चेन्‍न्‍ई और कोलकाता से अहमदाबाद तक इतने हुए दाम
ये पढ़ा क्या?
X